जिला अस्पताल में दवा लेने के लिए दवा केंद्र पर लगी कतार। संवाद
पीलीभीत। होली के पर्व का लोगों से उत्साह खत्म होने के बाद बृहस्पतिवार को उन पर अबीर-गुलाल व रंगों का दुष्प्रभाव देखने को मिला। जिला अस्पताल में केमिकलयुक्त अबीर गुलाल व रंगों के संपर्क में आने से हुई समस्या के मरीज देखे गए। इसमें आंख, त्वचा व अस्थमा के मरीजों की संख्या करीब 250 रही।
बुधवार को जिले में होली में प्रयुक्त केमिकलयुक्त गुलाल व रंगों का शारीरिक दुष्प्रभाव बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में देखने को मिला। आधे दिवस की ओपीडी के बावजूद सुबह आठ बजे से मरीज परामर्श के लिए पर्चा बनवाने के लिए कतार में लग गए।
जिला अस्पताल के फिजिशियन वार्ड में होली पर पानी से अत्यधिक भीगने व केमिकल व खुशबूयुक्त अबीर-गुलाल के संपर्क में आने से सांस फूलने, सीने में समस्या आदि के मरीज सर्वाधिक देखे गए। वहीं, नेत्र विभाग में आंख में केमिकलयुक्त गुलाल जाने से जलन होने व लालिमा, लाल होने की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। इसके अलावा त्वचा पर खराब रंग के लगने से जलन, एलर्जी से परेशान होकर मरीजों ने परामर्श लिया।
जिला अस्पताल में बढ़ी भीड़ के कारण दवा केंद्र पर मरीजों में धक्का-मुक्की देखी गई। जिला अस्पताल में बुधवार 12 बजे तक 814 मरीजों में 250 से अधिक मरीज आंख, त्वचा व अस्थमा रोगी ही देखे गए। संवाद