नगर के सरकारी अस्पताल में सुरक्षित प्र्रसव कराने के लिए रात में आने वाली महिलाओं का कोई पुरसाहाल नहीं है।
शुक्रवार की रात गांव नौऊआ नगला निवासी धर्मेंद्र कुमार की पत्नी मुन्नीदेवी, घुरीपट्टी निवासी नरसिंह की पत्नी किरनदेवी, धनगवां निवासी सत्यप्रकाश की पत्नी भुवनेश्वरी, करनपुर चक निवासी मिथलेश कुमारी, टेढ़ाश्रीराम निवासी योगेंद्र कुमार की पत्नी सरलादेवी समेत अन्य गर्भवती महिलाएं सीएचसी पर प्रसव कराने पहुंची। बताते हैं कि अस्पताल में भीषण गर्मी के बावजूद एक भी पंखा नहीं चल रहा था।
गर्मी के कारण इन महिलाओं को फर्श पर लेटना पड़ा। इन महिलाओं के परिवार वालों का कहना है कि अस्पताल के अंदर बेड पर लिटा तो दिया गया, लेकिन पंखा न चलने की वजह से कमरे के अंदर घुटन होती है। मजबूरन अस्पताल के बाहर फर्श पर लेटना पड़ा। आरोप है कि कई घंटे तक उनका हालचाल पूछने कोई नहीं पहुंचा। अस्पताल में जनरेटर की सुविधा होने के बावजूद जनरेटर नहीं चलाया गया।
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गर्भवती महिलाओं के फर्श पर छटपटाने की बात गलत है। गर्मी के कारण कुछ महिलाएं स्वयं ही फर्श पर लेटी थीं। जनरेटर चलाने के लिए डीजल के लिए जो बजट मिलता है। उससे पूरी रात जनरेटर चलाना संभव नहीं है।
- डा. श्रीराम, अधीक्षक सीएचसी बिलसंडा