माधोटांडा। एक बार फिर पुलिस का मानवीय चेहरा दिखा। पति के साथ घर जाने के लिए राजस्थान से पैदल आ रही महिला को सड़क पर ही प्रसव पीड़ा होने लगी। पता चलने पर पुलिस ने पहले तो एंबुलेंस मंगाई, न आने पर उन्होंने सरकारी जीप से सीएचसी भेजा। वहां महिला का तो इलाज हो गया, मगर उसके बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।
कस्बा निवासी इमरान हुसैन अपने परिवार के साथ छह माह पहले राजस्थान में कारचोबी का काम करने गया था। लॉकडाउन में फंसने के बाद वह पत्नी सोनम के साथ घर के लिए निकल पड़ा। भरतपुर तक तो बस में आया। इसके बाद ट्रक और मेटाडोर से गुरुवार सुबह पीलीभीत पहुंचा। यहां किसी तरह कलीनगर तक वाहन मिल गया। मगर, कलीनगर से माधोटांडा के लिए वाहन न मिलने पर वह पत्नी के साथ पैदल ही घर के लिए चल पड़ा। खारजा नहर पुल के निकट पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई तो सड़क किनारे लेट गई और चिल्लाने लगी। कस्बा इंचार्ज प्रकाश चंद शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले एंबुलेंस को फोन किया तो वहां से रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कुछ दूरी पर खड़ी सरकारी जीप को बुलाकर महिला को पति के साथ सीएचसी भेजा।
महिला चार माह की गर्भवती थी। वह अपने पति के साथ राजस्थान से वापस लौट रही थी। वाहनों में चलने और उठने बैठने से गर्भ में समस्या पैदा हो गई। इसी से बच्चे की मौत हो गई। चिकित्सक महिला के उपचार में लगी हैं। -डॉ. विनीत यादव, प्रभारी चिकित्सक, माधोटांडा