पीलीभीत। फर्जीवाड़ा कर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी पाने वाला सीएमओ कार्यालय का लिपिक कुंवर हीरेश सरन सक्सेना निलंबन के बाद भी विभाग में अपना रुतबा जमाए बैठा है। कई दिन से वह पुराने सीएमओ कार्यालय के स्टोर रूम में बैठ रहा था। शासन तक शिकायत पहुंची, जिसके बाद शुक्रवार को सीएमओ छापा मारा। वह कार्यालय में ही मिला। सीएमओ ने उसे बाहर निकलवाकर ताला डलवा दिया है। इस दौरान सीएमओ और बाबू की नोकझोंक भी हुई।
फर्जी दस्तावेज लगाकर कुंवर हीरेश सरन सक्सेना ने नौकरी हासिल की थी। कई बार सीएमओ से शिकायत की गई लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उसके बाद शिकायत शासन स्तर पर पहुंची जिसके बाद जांच हुई और लिपिक को निलंबित कर दिया गया। हीरेश सरन यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन का प्रदेेेश महामंत्री है। यही उसने स्टोर रूम के बाहर लिखवा रखा है। कुछ दिन से वह यहीं बैठ रहा था। इसकी भी शिकायत सीएमओ तक पहुंची लेकिन पिछली बार की तरह फिर अनदेखी कर दी गई। जब शिकायत शासन तक पहुंची और वहां से सीएमओ को फटकार लगी तब कार्रवाई हुई।
सीएमओ सुबह ही पुराने कार्यालय पहुंच गए। यहां स्टोर रूम में लिपिक हीरेश सरन बैठा था। लिपिक को कार्यालय से बाहर निकलने के आदेश दिए तो लिपिक व सीएमओ में नोंकझोंक होने लगी। सीएमओ ने नियमों व आदेशों का हवाला देते हुए उसे कार्यालय से बाहर जाने को कहा लेकिन वह उल्टा सीएमओ से पत्र दिखाने को कहने लगा। हालांकि वह बाद में चला गया। सीएमओ ने स्टोर रूम में ताला डलवा दिया है। हालांकि बाहर संगठन का नाम और उसका पद अब भी लिखा हुआ है जिसे हटवाया नहीं गया।
जानकारी मिली थी कि निलंबित बाबू हीरेश सरन पुराने ऑफिस के स्टोर में बैठा था। सुबह ही वहां छापा मारा था। बाबू वहीं बैठा था। बाबू को बाहर निकालकर स्टोर रूम में ताला डलवा दिया गया है। अवैध रूप से चल रहे संगठन कार्यालय का नाम हटवाया जा रहा है।
- डॉ. आलोक शर्मा, सीएमओ