पीलीभीत। कलीनगर तहसील क्षेत्र के निवासियों को जमीन की रजिस्ट्री के लिए पूरनपुर की दौड़ नहीं लगानी होगी। अब कलीनगर में उप निबंधक कार्यालय खुलेगा। इसकी अधिसूचना जारी हो गई है। पद सृजन, भवन और अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा। हालांकि अभी इसमें समय लगने की बात कही जा रही है।
कलीनगर में उप निबंधक कार्यालय के संबंध में सोमवार को अधिसूचना जारी की गई है। राज्यपाल की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद जारी इस अधिसूचना में कहा गया कि पीलीभीत में कलीनगर को नया रजिस्ट्रीकरण उप जिला सृजित किया जाता है। इसमें रजिस्ट्रीकरण उप जिला पूरनपुर के राजस्व गांवों को शामिल किया है। कलीनगर में उप निबंधक कार्यालय खुलने से क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। जमीन की खरीद फरोख्त के लिए पूरनपुर की दौड़ नहीं लगानी होगी। आवागमन में लगने वाला पैसा और समय दोनों बचेगा। एआईजी स्टांप सतीश त्रिपाठी ने बताया कि कलीनगर को रजिस्ट्रीकरण उप जिला सृजित किया गया है। इसकी अधिसूचना भी जारी हो गई है। अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उप निबंधक कार्यालय का संचालन होगा।
शामिल होंगे 170 राजस्व गांव, बढ़ेगा रोजगार
कलीनगर उप निबंधक कार्यालय में 170 राजस्व गांवों को शामिल किया है। अधिसूचना के अनुसार इन गांवों को पूरनपुर रजिस्ट्री कार्यालय से हटाकर कलीनगर में जोड़ा गया है। अधिसूचना के साथ इन गांवों की सूची भी जारी हुई है। निबंधक कार्यालय खुलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्टांप विक्रेता, बैनामा लेखक और अधिवक्ताओं को भी लाभ होगा।
सीमावर्ती गांवों के लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
- कलीनगर में उप निबंधक कार्यालय न होने से सबसे अधिक समस्या भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवोंं के लोगों को हो रही थी। तराई क्षेत्र में बसे करीब 30 से अधिक गांवों के लोगों को जमीन संबंधी कामकाज के लिए पूरनपुर जाना पड़ता था। इसके लिए उन्हें करीब 30-35 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।