पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के संरक्षण और विकास में नई दिशा देने के लिए पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन की दूसरी शासी निकाय बैठक एक नवंबर 2025 को आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता वन मंत्री डॉ. अरुण सक्सेना करेंगे। इसमें फाउंडेशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जाने की संभावना है।
पिछले साल पीलीभीत बाघ संरक्षण फाउंडेशन का गठन हुआ था। इसका उद्देश्य पीलीभीत टाइगर रिजर्व और आसपास के क्षेत्र में पारिस्थितिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना, प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ईको-पर्यटन और ईको-विकास से जुड़े प्रशिक्षण, प्रबंधन और परामर्श सेवाओं में सहयोग प्रदान करना है।
वर्ष 2022 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण फाउंडेशन के गठन को मंजूरी दी थी। इसके बाद फाउंडेशन का गठन हुआ और इसके संचालन के लिए प्रभारी मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में शासी निकाय और कार्यकारिणी समिति का गठन हुआ।
डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बैठक में वन मंत्री के अलावा अपर मुख्य सचिव वन, शासी निकाय के नामित सदस्य, वन्यजीव विशेषज्ञ और वन अधिकारी भी शामिल होंगे। रिजर्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश होंगे जो क्षेत्र के संरक्षण की दिशा तय करेंगे। संवाद