शारदा अब रमनगरा बुझिया का नामोनिशान मिटाने में जुटी
विधायक के आश्वासन पर भी शुरू नहीं हुए बचाव कार्य
बाढ़ खंड के एक्सईएन ने कटान पीड़ितों से जताई असमर्थता
शारदा नदी तेजी से रमनगरा बुझिया क्षेत्र में कटान करती हुई शारदा डैम की ओर बढ़ती जा रही है। एक दिन पहले विधायक पीतमराम ने पहुंचकर बाढ़ खंड के अधिकारियों से बचाव शुरू कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन दूसरे दिन भी कोई काम शुरू नहीं कराया गया है। मंगलवार को बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता तो जरुर पहुंचे, लेकिन उन्होंने डीएम स्तर से कोई आदेश न मिलने तक बचाव कार्य शुरू कराने में असमर्थता जताई। इससे बाढ़ पीड़ितों में खासा रोष देखा गया।
शारदा नदी ने इस साल रमनगरा बुझिया इलाके को अपना निशाना बना लिया। कटान से रमनगरा बुझिया गांव का अस्तित्व ही समाप्त हो गया। यहां मात्र 15 एकड़ जमीन बची है। लेखपाल पूरन सिंह के मुताबिक अब तक 60 परिवारों की 150 एकड़ भूमि कट चुकी है। अब नदी लूप बनाकर रमनगरा के उस इलाके की ओर बढ़ रही है, जहां आधा दर्जन सिख परिवार रह रहे हैं। इधर, बिजौरी खुर्द कलां का जंगल का शारदा में समाता जा रहा है।
विधायक ने दौरा कर दिए थे निर्देश
विधायक पीतमराम ने सोमवार को रमनगरा बुझिया क्षेत्र को दौरा किया था। कटान की हालत देख उन्होंने पीड़ितों को आश्वसान दिया था कि डीएम से बात कर जल्द बचाव कार्य शुरू कराएंगे। पैसे की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। ग्रामप्रधान को मनरेगा से कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। इसके बाद बाढ़ खंड ने एक जेई को 150 बल्लियां लेकर तो भेज दिया लेकिन दूसरे दिन भी कोई कार्य शुरू नहीं कराया। ग्राम प्रधान प्रशांत साना ने एक्सईएन से काम शुरू न होने पर नाराजगी जताई।
एक्सईएन बाढ़ खंड भी पहुंचे
इधर मंगलवार को बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता मिन्हाज अहमद यहां पहुंचे। उन्होंने कटान पीड़ितों से कहा कि इस समय कोई स्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य नहीं हो सकते। डीएम के स्तर से यदि कोई दिशा निर्देश मिलते तो अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य करा सकते है, लेकिन जब तक बजट नहीं मिलता है तब तक हमारे स्तर से बल्ली, तार, खाली बोरे आदि उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने बरसात बाद प्रोजेक्ट बनवाकर स्थाई कार्य कराने का आश्वासन दिया।