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सेंधमारी में कामयाब हुई सपा, स्वामी प्रवक्तानंद पर लगाएगी दाव

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स्वामी प्रवक्तानंद के सपा में शामिल होने के बाद खुशी का इजहार करते सपाई - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चेहरे की तलाश में जुटी समाजवादी पार्टी आखिरकार भाजपा में सेंध लगाने में कामयाब हो ही गई। जिला पंचायत के वार्ड नंबर 15 से भाजपा समर्थित उम्मीदवार बनकर जीत दर्ज कराने वाले स्वामी प्रवक्तानंद साइकिल पर सवार हो गए। बगावत की सुगबुगाहट पर दिन भर भाजपा नेता उन्हें मनाने में लगे रहे, मगर असफल हुए। शाम को स्वामी प्रवक्तानंद ने सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्हें सपा के संभावित प्रत्याशी के तौर पर देखा जा रहा है। दो अन्य भाजपा के सदस्यों की भी सपा में जाने की बात कही जा रही है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव बृहस्पतिवार को सियासी सरगर्मियां बढ़ा गया। भाजपा के प्रत्याशी का नाम लगभग तय हो चुका है, घोषणा होना बाकी है। मगर सपा को मजबूत चेहरा नहीं मिल रहा था। ऐसे में भाजपा के बागी पर दाव खेलने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। वार्ड नंबर 15 से जीतकर आए स्वामी प्रवक्तानंद पर सपा नेताओं की नजर लगातार बनी हुई थी। बृहस्पतिवार को उनके सपा में जाने की सुगबुगाहट बढ़ी तो मनाने का सिलसिला शुरू हो गया था। जिलाध्यक्ष भाजपा संजीव प्रताप सिंह, उत्तर पद्रेश कोऑपरेटिव यूनियन के सभापति सुरेश गंगवार, जिला प्रभारी पूरनलाल लोधी, गुरभाग सिंह समेत कई नेता खमरिया पुल स्थित आश्रम पर चले गए थे। दिन भर भाजपाई डेरा डाले रहे, मगर मना नहीं सके। उधर, सपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा समेत कई नेता जमे हुए थे। इससे तय माना जा रहा था कि कोई न कोई बदलाव होना तय है। शाम को ऐसा ही हुआ, भाजपा का दामन छोड़कर स्वामी प्रवक्तानंद सपा में शामिल हो गए। उन्हें पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा साथ लेकर आए थे। दो अन्य जिला पंचायत सदस्यों के भी सपा में जाने की बात कही गई है। ऐसे में सत्ताधारी भाजपा को झटका लगा है। स्वामी प्रवक्तानंद ही सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चेहरा होंगे, यह लगभग तय है। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह जग्गा का कहना है कि मौखिक घोषणा हो चुकी है। औपचारिक घोषणा भी जल्द कर दी जाएगी।
दूसरी बार टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़ी
स्वामी प्रवक्तानंद इससे पहले भी टिकट न मिलने पर भाजपा से बगावत कर चुके हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा से बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग की थी। मगर उन्हें टिकट नहीं मिला था, तो वह रालोद में शामिल हो गए थे। रालोद के टिकट पर चुनाव लड़ा, मगर हार गए थे। फिर साल 2019 में वापसी कर ली थी। मगर इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद का टिकट न मिलने पर उन्होंने भाजपा को छोड़ साइकिल की सवारी की है।
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