पूरनपुर। पंचायत चुनाव में नामांकन पत्र खरीदने वालों की भीड़ कम नहीं हो रही है। चुनाव में कुछ नए तो कुछ पूर्व प्रधान मैदान में उतरने की तैयारी कर चुके हैं। पिछले चुनाव में नाममात्र वोटों से पराजित हुए पहलवान भी फिर चुनाव मैदान में कूदने को नामांकन पत्र खरीद चुके हैं। उनका कहना है कि पिछली बार कुछ गलतियां रही। अब सीख लेकर चुनाव लड़ेंगे।
पंचायत चुनाव की घोषणा भले ही कुछ दिन पहले हुई हो मगर चुनाव लड़ने वाले इसकी तैयारी महीनों से कर रहे हैं। कुर्सी को लेकर कुछ स्थानों पर रिश्तों को भी ताक में रख दिया है। कहीं देवरानी-जेठानी, कही चाचा-भतीजा आदि चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। वहीं पिछले चुनाव में हारे कई प्रत्याशी भी इस बार चुनाव मैदान में कूदने की तैयारी कर नामांकन पत्र खरीद चुके है। इसमें सबसे अधिक कसक उन संभावित प्रत्याशियों के दिलों में है जो पिछले चुनाव में नाम मात्र कुछ वोटों से पराजित हुए थे। पिछले चुनाव में मिली हार में शुरू में तो कुछ दिन उनका राजनीति से मोह भंग सा रहा। मगर हार की कसक जब कुछ कम हुई तब उनको लगा कि जनता ने तो उनका साथ टक्कर के लिए दिया ही था। समय से साथ इन पिटे पहलवानों ने भी चुनाव की तैयारी शुरू कर दी थी। पिछली बार रही कमियों को दूर करने के प्रयास किए। नाममात्र वोटों से हारे पूर्व प्रत्याशी इस बार किसी तरह चुनाव को जीत कर अपनी हार का बदला पूरा करना चाह रहे हैं। पिछले बार हारे एक उम्मीदवार ने बताया कि पिछले चुनाव में ही उनकी जीत पक्की थी। अपने अलावा आसपास तीन प्रधानों को चुनाव लड़ाया था। तीनों ही जीते। मगर उनकी मात्र एक वोट से हार हुई थी। इस बार जीत पक्की है। एक अन्य पूर्व प्रत्याशी ने बताया कि काउंटिंग में उनकी जीत घोषित कर दी गई थी। विरोधियों ने रिकाउंटिंग की मांग पर हंगामा किया। रिकाउर्टिंग में उनको पराजय मिली। एक अन्य पूर्व प्रत्याशी ने बताया कि जीत तो उनकी ही थी। मगर परिवार के लोगों ने ही धोखा दे दिया। इस बार परिवार के लोगों को मना लिया गया है।