पीलीभीत। जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी। बहनजी यानी बसपा सुप्रीमो मायावती सीएम थीं तो उनका जन्मदिन भव्यता की ऊंचाइयां छूता था। मगर, जबसे बसपा की सत्ता गई, तबसे बहन जी के जन्मदिन की रौनक फीकी पड़ गई। इस बार भी बसपाइयों ने बुधवार को बहनजी का जन्मदिन सादगी के साथ मनाया। कार्यकर्ता तो जुटे मगर पहले जैसे नहीं। तब कार्यकर्ताओं को वह दिन याद आ गए, जब उनकी अपनी सरकार में वह बहन जी का जन्मदिन मनाते थे।
टनकपुर हाइवे के एक बरातघर में सामान्य से स्टेज पर केक सजा था। सीलिंग केवल स्टेज पर ही लगी था, बाकी मैदान बिना टेंट ही था। उसमें भीड़ भी बहुत ज्यादा नहीं थी। चंद कार्यकर्ता और पदाधिकारी ही बहनजी के जन्मदिन का केक काटने पहुंचे। हालांकि बरातघर परिसर को सफेद और नीले रंग के गुब्बारों से सजाया गया था। मंच के सामने ही कार्यकर्ता भी कुर्सियों पर बैठे थे। कुछ कार्यकर्ता आपस में चर्चा भी कर रहे थे कि जब बसपा सत्ता में थी तो किस तरह से पूरा शहर नीले झंडे और बैनरों से पाट दिया गया था, भव्य पांडाल सजता था, भारी भरकम केक काटा जाता था। बसपा कार्यकर्ताओं की भीड़ को रोकने के लिए प्रशासनिक अफसरों को मशक्कत करनी पड़ती थी। कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही अफसरों की टीम पहुंच जाती थी। समारोह स्थल वाले मार्ग पर वाहनों के जाने पर पाबंदी लगा दी जाती थी। वाहनों को खड़ा करने के लिए जगह ढूंढनी पड़ती थी। सत्ता से दूर बसपा कार्यकर्ताओं ने सादगी के साथ साधारण समारोह कराकर जन्मदिन मनाया। सत्ता में न होने की कसक बसपाइयों के चेहरों पर साफ दिख रही थी। भाजपा नेताओं को कोसते हुए भी सुने गए।
‘बहनजी ने हमेशा दलित पिछड़ों के उत्थान को लेकर लड़ी लड़ाई’
बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का 64वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केक काटकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। बुजुर्गों को सम्मानित करने के साथ जिला अस्पताल में मरीजों को फल भी बांटे गए। टनकपुर हाइवे स्थित बरातघर में हुए कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अनीस अहमद फूल बाबू ने कहा कि देश में अराजकता का माहौल है। अधिकारी त्यागपत्र दे रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है। जो भाजपा के खिलाफ बोलता है उसके पीछे सीबीआई लगा दी जाती है। मंडल सेक्टर प्रभारी जगदीश प्रसाद ने कहा कि बहनजी ने हमेशा ही दलित और पिछड़ों के उत्थान के लिए लड़ाई लड़ी। रामस्नेही गौतम, बालकराम सागर, राजेश गौतम, नफीस अंसारी, मुन्नालाल कश्यप, एलपी सागर, रामऔतार गौतम, ताहिर खां, अटल जायसवाल, मुनेंद्रपाल सागर ने भी विचार रखे। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और संचालन कांशीराम सरोज ने किया। रामपाल शर्मा, आनंद प्रजापति, राजेश गौतम, मुरारीलाल सागर आदि मौजूद रहे।