पीलीभीत। सांसद आजम खां के विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को रामपुर में समाजवादी पार्टी की ओर से विरोध प्रदर्शन का एलान किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए आसपास जिलों से कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। इसको लेकर जिले में सुबह से ही पुलिस अधिकारी अलर्ट रहे। एसपी मनोज कुमार सोनकर, एएसपी रोहित मिश्र ने जिले के समस्त थानों की पुलिस और खुफिया विभाग को अलर्ट कर दिया।
हाईवे के मुख्य चौराहों पर पुलिस बल को तैनात कर वाहनों की चेकिंग कराई गई, लेकिन जिले में सपाइयों में इसको लेकर खासा जोश नहीं दिख सका। सपा कार्यकर्ता भीड़ भी न जुटा सके। कुछ लोग जाने के लिए निकले भी लेकिन उनका उद्देश्य रामपुर पहुंचने से अधिक गिरफ्तारी देने तक सीमित रहा। नतीजतन आलम यह रहा कि गिरफ्तारी कर पुलिस का गुडवर्क हो गया और नेताजी के फोटो भी खिंच गए। दोपहर करीब चार बजे कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने फोटो खिंचवाने के लिए रामपुर के लिए रवानगी और छतरी चौराहे पर गिरफ्तारी देने का एलान कर दिया। इसको लेकर मीडिया को भी बुला लिया, लेकिन वह भी असफल रहे। पांच कार्यकर्ता सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के छतरी चौराहे पर पहुंच गए और साथियों को बुलाने के लिए फोन लगाने शुरू कर दिए। करीब आधे घंटे इंतजार करने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा। इस पर नेताजी यह कहकर चल दिए कि हम सपा नेता हैं, पांच लोग गिरफ्तारी देंगे तो फजीहत हो जाएगी। उधर, कोतवाली क्षेत्र में पुलिस ने ईदगाह चौराहे के पास से दस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की। यहां भी कोई जिम्मेदार पदाधिकारी नहीं दिखा। वहीं पहले से जिले से बाहर बताए जा रहे जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव समेत कई कार्यकर्ताओं की रामपुर पहुंचने के बाद वहां पर गिरफ्तारी हुई।
बिलसंडा। बीसलपुर मार्ग पर स्थित ईंटगांव चौकी पर चेकिंग के दौरान रामपुर जा रहे सात सपा कार्यकर्ताओं को इंस्पेक्टर अतर सिंह ने पकड़ लिया। वह कार में सवार होकर जा रहे थे। उनको हिरासत में लेकर चौकी पर बैठाए रखा गया और फिर शाम पांच बजे के बाद छोड़ दिया गया।
दिन भर चुप्पी के बाद शाम को आई याद, उसमें भी रामपुर के बजाय पहुंच गए थाने
अमरिया। सपा कार्यकर्ताओं ने किस तरह से औपचारिकता निभाई, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रामपुर में हो रहे धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तहसील क्षेत्र के करीब एक दर्जन कार्यकर्ता दिनभर की चुप्पी के बाद शाम चार बजे के बाद सड़कों पर निकले। इसके बाद भी रामपुर पहुंचने के बजाय कोतवाली गेट पर आ गए। यहां पुलिस से खुद को गिरफ्तार करने की गुजारिश करने लगे। इंस्पेक्टर मनीराम सिंह ने बाहर आकर कार्यकर्ताओं से बातचीत की और उनको थाना गेट से ही वापस कर दिया।