किसान बोले, नानकमत्ता गुुुरुद्वारा जा रहे हैं मत्था टेकने
पुलिस को दिल्ली आंदोलन में जाने का था शक, जांच के बाद जाने दिया
माधोटांडा। बराही रोड पर सिख किसानों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस को शक था कि सभी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने जा रहे हैं। वहीं किसानों का कहना था कि वह उत्तराखंड के नानकमत्ता गुरुद्वारा जा रहे हैं। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। किसानों के समर्थन में भी लोग आ गए। अतिरिक्त पुलिस बल भी तहसीलदार कलीनगर राकेश मौर्य की अगुवाई में पहुंचा। काफी देर चली बातचीत के बाद किसानों को गुरुद्वारा जाने की अनुुमति दे दी गई।
किसानों के दिल्ली में चल रहे आंदोलन को लेकर जनपद भर में अलर्ट है। इसकी निगरानी कराई जा रही है। इसी बीच एक ट्रैक्टर ट्रॉली पर करीब 30 सिख किसान जाने की सूचना पुलिस प्रशासन को मिली। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर रामसेवक पुलिस बल के साथ बराही रोड पर रजवाहा नहर पुल के पास गए और ट्रैक्टर ट्रॉली को रोक लिया। पीछे से तहसीलदार कलीनगर भी आ गए। किसानों के दिल्ली जाने के शक में पुलिस प्रशासन ने आगे नहीं बढ़ने दिया, जबकि किसान कह रहे थे कि वह मत्था टेकने गुरुद्वारा नानकमत्ता जा रहे हैं। इसी बात पर पुलिस से बहस होना शुरू हो गई। किसानों यह भी चेतावनी दे डाली कि अगर उनकी बात पर पुलिस को विश्वास नहीं है तो फिर वह दिल्ली जाकर ही दिखाएंगे। यह सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया।
उधर, किसानों के समर्थन में भी भीड़ पहुंच गई। बाद में गुरुद्वारा नानकमत्ता के कुछ जिम्मेदारों से इंस्पेक्टर की फोन पर बात कराई। इसके बाद उन्हें जाने दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि दिल्ली जाने वालों को रोका जा रहा है। सिख किसान के गुरुद्वारा जाने की बात संभ्रांत लोगों ने भी कहते हुए जिम्मेदारी ली। फिर उन्हें रवाना कर दिया गया।