जिला अस्पताल के चिकित्सक गिरिजा शंकर त्रिपाठी के बंद मकान में हुई लाखों की चोरी का मात्र 1500 रुपये की बरामदगी दिखाकर एक युवक को गुपचुप तरीके से जेल भेजकर पुलिस ने खुलासा कर दिया। खास बात रही कि इसकी जानकारी पीड़ित को भी नहीं बताया गया। अधिकारी भले किए गए खुलासे को लेकर संतुष्ट हैं, लेकिन गोपनीय तरीके से की गई कार्रवाई तमाम सवाल खड़े कर गई है।
जिला अस्पताल कॉलोनी स्थित चिकित्सक के बंद मकान से 15 जनवरी को दिनदहाड़े चोर ताले तोड़कर 14 तोला सोना और 5500 रुपये समेट ले गए थे। स्वाट टीम भी धरपकड़ को लेकर वाहवाही लूटने में आगे रही। इस बीच चोरी की घटनाओं के खुलासे में असफल पुलिस ने खेल कर दिखाया। 28 जनवरी को पुलिस ने मोहल्ला देशनगर निवासी सोनू लोधा को गुपचुप तरीके से जेल भेज दिया। इसके पास से डेढ़ हजार रुपये बरामद दिखाकर पुलिस ने चिकित्सक के घर हुई चोरी की घटना वर्कआउट कर दी है। अफसर मातहतों की करतूत पर पर्दा डाल साख बचाने की कोशिश में जुटे हैं। यही नहीं पुलिस ने जिस युवक को पकड़कर जेल भेजा है, उसके बारे में बताया जा रहा है कि वह एक माह से टनकपुर (उत्तराखंड) में एक कारीगर के साथ काम कर रहा था। उसके आपराधिक इतिहास को देखते हुए उस पर कार्रवाई करने की बात भी सामने आ रही हैै।
चोरी की घटना का खुलासा करने की बात मुझे नहीं बताई गई है। कुछ दिन पहले पूछने पर कोतवाली पुलिस ने मुझसे सुरागरसी जारी होने की बात कही थी। इस बारे में कुछ भी नहीं बताया गया है।
डॉ.गिरिजा शंकर त्रिपाठी, पीड़ित
चोरी की घटना का खुलासा सही है। इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की गई है। इतना जरूर है कि मातहतों की ओर से पीड़ित और मीडिया को इसकी जानकारी देने में लापरवाही बरती गई है। जिसके कारण सवाल उठने लगे हैं। जेल गया आरोपी एक शातिर अपराधी है। उसके कुछ अन्य साथियों की तलाश भी जारी है।
कलानिधि नैथानी, एसपी