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नए कलेवर में पुरानी बीट व्यवस्था, कोतवाली से हुई शुरूआत

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पीलीभीत। बेहतर पुलिसिंग और अपराध की रोकथाम के लिए डीजीपी ओपी सिंह की ओर से सूबे के 100 थानों से बीट सिस्टम की शुरूआत की गई है। सदर कोतवाली का इसमें चयन किया गया है। अब बीट सिस्टम प्रभावी और कामयाब बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने काम तेज कर दिया है। इसके लिए बीट बाइज पूरा खाका तैयार किया जा चुका है।
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एक समय में अपराध पर शिकंजा कसने में पुलिस के सिपाही अहम किरदार निभाता था। उसकी इलाके में पकड़ और तेज तर्रार नेटवर्क के जरिए अधिकारी बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल कर लेते थे। समय के साथ पुलिसिंग हाइटेेक होती चली गई। संसाधनों पर निर्भर पुलिस का ह्यूमन नेटवर्क पिछड़ता चला गया। क्राइम कंट्रोल पर काम करने वाला सिपाही भी पिछड़ने लगा। अधिकारियों के स्तर पर से उसकी जवाबदेही न के बराबर कर दी गई। नतीजा, अपराध बढ़े और सूचनाएं कम होती चली गईं। इसमें सुधार करने के लिए डीजीपी की ओर से अब पुरानी बीट व्यवस्था बहाल की जा रही है। इसमें कई नए सुधार भी रखे गए हैं। सूबे के 100 थानों में शहर कोतवाली को भी शामिल किया गया है। यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य थानों में भी इसे लागू किया जा सकता है। फिलहाल कोतवाली के चिह्नित होने के बाद बीट सिस्टम को प्रभारी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कोतवाली में कुल 24 बीट बनाई गई हैं। एसपी अभिषेक दीक्षित, एएसपी रोहित मिश्र, सीओ धर्म सिंह मार्छाल कोतवाली पुलिस के साथ बैठक कर इसे लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। नगर पालिका से वार्डवार मोहल्लों के नाम और तहसील से सूची जुुटाई गई है। ताकि कोई सीमा विवाद जैसी अड़चन सामने न आ सके।
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