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अफसरों ने मास्क पहनने की चेकिंग करवाई, पुलिस कर्मी पूछते रहे- हेलमेट कहां है

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पीलीभीत। कोरोना संक्रमण से बचाव को देखते हुए अधिकारियों ने सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों को मास्क की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसने को कहा, मगर हो उल्टा रहा है। पुलिस कर्मी मास्क के बजाय चेकिंग में यह पूछते रहे कि हेलमेट कहां है। बाइकर्स केवल इसलिए रोके गए कि वे हेलमेट क्यों नहीं पहनकर निकले। मास्क को पूछते ही नहीं।
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कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 22 मार्च से लागू लॉकडाउन का चौथा चरण चल रहा है। इसमें वाहनों की बेवजह आवाजाही पर प्रतिबंध है। लोगों को बिना काम घरों से न निकलने की अपील भी की जा रही है। मास्क का प्रयोग अनिवार्य कर दिया गया है। छूट के समय खुलने वाली दुकानों पर सामाजिक दूरी बनाने के नियम लागू किए गए हैं। इसका सख्ती से पालन कराने का दावा भी किया जा रहा है, मगर शिकंजा कसने के लिए उतारी गई पुलिस असमंजस में हैं। अधिकारियों का निर्देश है कि सामाजिक दूरी, मास्क प्रयोग, सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर नजर रखी जाए। शुक्रवार दोपहर मास्क की अनदेखी और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों की धरपकड़ के लिए चेकिंग अभियान भी चलाया गया। शहर में छतरी चौराहा, गौहनिया चौराहा, चावला चौराहा, ड्रमंडगंज चौराहा समेत कई मुख्य चौराहों पर पुलिसकर्मी चेकिंग करने में जुटे रहे। मगर, अधिकतर जगह वह मास्क के बजाय हेलमेट पहनने पर जोर देते रहे। मास्क ना लगाने वाले तो आसानी से निकल गए, मगर हेलमेट नहीं लगाकर चलने वाले बाइकर्स फंस गए। उनका चालान किया गया।
पुलिस का पूरा जोर लॉकडाउन नियमों का पालन कराने पर न होकर केवल वाहन चेकिंग करने और जुर्माना वसूलने का रहा। पुलिस जुर्माना वसूली से सरकारी खजाना भर चुकी है। 23 मार्च से अब तक 15852 वाहनों का चालान किया और 350 वाहन सीज किए गए। अब तक वाहन चालकों से 23.20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। पुलिस सिर्फ हेलमेट चेकिंग को ही लॉकडाउन नियमों का पालन कराना समझ रहे हैं।
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बेवजह वाहनों के प्रयोग पर प्रतिबंध है। हेलमेट चेकिंग की बात ही नहीं हैै। कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्य रुप से सामाजिक दूरी और मास्क की अनदेखी करने वालों पर सख्ती के निर्देश हैं। लॉकडाउन के नियमों का पालन हर हाल में कराना है। जनता को इसके लिए जागरूक भी करना है। -अभिषेक दीक्षित, एसपी
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