पीलीभीत। टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे रिछोला क्षेत्र में बाघ ने एक बार फिर दस्तक दी है। शुक्रवार सुबह बाघ ने गन्ने के खेत में नीलगाय को मारकर खा लिया। सूचना मिलते ही डीडी वनकर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाघ को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ दिया।
घटना पीलीभीत-माधोटांडा के रिछोला में घेरा गांव के समीप शुक्रवार सुबह घटी। जंगल के किनारे गांव घेरा के पास खेतों में एक बाघ की चहलकदमी देखी गई। बाघ गन्ने के खेत के आसपास घूमता दिखाई दिया। इस पर कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही माला रेंज के वन दरोगा गौतम, फारेस्टगार्ड रामप्रकाश समेत कई वनकर्मी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल भी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। टीम ने आसपास खेतों में कॉम्बिंग की तो गन्ने में एक खेत में नीलगाय का शव पाया गया। टीम ने बाघ को जंगल में खदेड़ने के प्रयास शुरू किए। कुछ देर बाद ही बाघ जंगल में चला गया। डीडी ने सुरक्षा की दृष्टि से वनकर्मियों को उक्त क्षेत्र में तीन दिन तक लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्षेत्र में करीब दो माह पूर्व एक बाघ ने दो ग्रामीणों को निवाला बना लिया था, हालांकि बाघ उसी दिन पकड़ लिया गया था और उसके दूसरे दिन कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया था।
रिछोला क्षेत्र में बाघ की सूचना मिली थी। टीम के साथ मैं स्वयं भी मौके पर पहुंचा। बाघ ने एक नीलगाय को मार डाला। बाघ सुरक्षित जंगल में चला गया है। टीम को तीन दिन तक मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व