पूरनपुर। धार्मिक ग्रंथ का अपमान करने वाले शराबी को गांव वालों ने पहले तो जमकर पीटा, फिर घंटों पंचायत के बाद उसे गांव से निकालने का फरमान सुना दिया। यह मामला दूसरे दिन भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
थाना हजारा क्षेत्र में नेपाल सीमा पर बसे गांव कंबोजनगर में शुक्रवार की रात शराब के नशे में धुत एक युवक धार्मिक स्थल में घुस गया था। वहां रखे धार्मिक ग्रंथ को बाहर उठाकर उसने उसे सड़क के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। रात भर धर्मग्रंथ झाड़ियों में पड़ा रहा। शनिवार सुबह जानकारी होने पर लोगों में आक्रोश फैल गया। आसपास से एकत्र हुए लोगों ने धर्मग्रंथ का अपमान करने वाले शराबी की तलाश शुरू की। शराबी को परिवार वालों ने हालांकि गांव से हटा दिया था। शराबी के परिवार वाले उसे निर्दोष बता रहे थे। मगर, लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ।
रविवार को इस मामले पर पंचायत बुलाई गई। सभी ने शराबी के इस कृत्य पर रोष व्यक्त किया। उसके बाद धर्मग्रंथ का अपमान करने वाले की तलाश शुरू की गई। धर्मग्रंथ पर डाला गया रुमाल साहिब उसके घर मिल गया। लोगों ने शराबी को उसके घर से खींचकर पहले उसकी जमकर धुनाई की। उसके बाद पंचायत लगी। पंचों ने उसे गांव से निकल जाने की सजा सुनाई। उसके बाद शराबी को गांव से निकाल दिया गया। एसओ हजारा रामसेवक ने बताया कि लोगों के एकत्र होने की जानकारी होने के बाद वह मौके पर गए थे। मगर, पंचायत के लोगों ने पुलिस की मदद न लेकर अपने आप यह निर्णय लिया है। उसे गांव के अधिकांश लोगों ने स्वीकार किया।
किसी भी व्यक्ति को प्रत्येक धर्म का सम्मान करना चाहिए। मनोरोगी या नशेड़ी ऐसे काम करते हैं। इन सब चीजों से माहौल खराब होने लगता है। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में सेवादारों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। -गुरमीत सिंह, हेड ग्रंथी, गुरुद्वारा कोतवाली रोड, पूरनपुर