पीलीभीत/ पूरनपुर। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने सोमवार को एक बार फिर बड़े प्रदर्शन की चेतावनी दी है। यहां बता दें कि बीते दिनों जब किसानों ने आंदोलन किया था तो मंगलवार को शहर में बाजार बंदी होने के कारण न तो ज्यादा लोग ही प्रभावित हुए थे और न ही यातायात पर ही कोई विशेष प्रभाव पड़ा था, लेकिन इस बार यह आह्वान सोमवार को किए जाने के कारण बाजार और यातायात व्यवस्था दोनों पर असर पड़ सकता है। ऐसी आशंका को देखते हुए बरेली से कमिश्नर और डीआईजी ने एक दिन पूर्व पहुंचकर मातहतों के साथ गोपनीय बैठक करके रणनीति तय की।
किसानों का दिल्ली में चल रहा आंदोलन तेजी पकड़ने लगा है। किसान संगठनों के अलावा विपक्षी दल भी समर्थन में उतर आए हैं। एक दिन पूर्व भी किसानों की भीड़ के दिल्ली जाने की सूचना पर घंटों असम और हरिद्वार हाईवे पर खलबली मची रही थी। प्रशासन के पुख्ता इंतजाम के दावों के बीच किसान सड़कों पर जमा हो गए थे। कई जगह हाईवों पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया था। इतना जरूर है कि नेताओं पर पुलिस सख्ती से पेश आई थी।
सोमवार को भी किसानों ने बड़े प्रदर्शन का एलान किया है। किसान संगठनों के अलावा सपा ने भी धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसमें भारी भीड़ जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, प्रशासन भी सख्ती से भीड़ रोकने को मंथन करने में जुटा है। रविवार की दोपहर कमिश्नर रणवीर प्रसाद, डीआईजी राजेश कुमार पांडेय पूरनपुर पहुंचे। डीएम पुलकित खरे, एसपी जयप्रकाश समेत कई अधिकारी पहले से मौजूद थे। किसान आंदोलन को लेकर गोपनीय बैठक हुई। घंटों अधिकारियों ने मंथन किया और फिर सड़क पर भीड़ रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह कहा कि किसी तरह की दिक्कत आम लोगों को नहीं आनी चाहिए। जाम और धरना प्रदर्शन रोकने के लिए मातहतों को पाठ पढ़ाया गया।
इस बार सर्विलांस से भी की जाएगी निगरानी
प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने के लिए इस बार पुलिस प्रशासन सर्विलांस की भी मदद लेगा। यहां बता दें कि एक दूसरे को जमा करने के लिए लोग फोन पर आपस में संपर्क साधेंगे, इस पर ही निगाह रखने के लिए सर्विलांस टीम को सक्रिय किया गया है। यह भी कहा गया है कि भीड़ इकट्ठा होने पर वीडियोग्राफी कराएं। लेखपाल समेत अन्य कर्मचारियों को भी सक्रिय रहने को कहा गया है। थाना प्रभारियों को निर्देश हैं कि वह अपने-अपने क्षेत्र में आंदोलनकारियों को रोकें। टरकाऊ रवैया न अपनाया जाए। हर वाहन पर नजर रखी जाए।
मुख्यालय और पूरनपुर पर सर्वाधिक नजर
किसान आंदोलन को लेकर की गई तैयारियों के बीच सर्वाधिक नजर जिला मुख्यालय और पूरनपुर पर है। बीते दिनों हुए प्रदर्शन में भी इन्हीं दोनों जगह से किसानों का रेला रोकने में पुलिस नाकाम रही थी। पूरनपुर में तो टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश का मामला भी गर्माया रहा था। पूरनपुर में 40 किलोमीटर का क्षेत्र सिख किसानों का है। हाईवे के दोनों ओर किसान हैं, जो झालों, गांवों से निकलकर रोड पर आकर जाम लगा सकते हैं। इस पर भी निगाह रखने को कहा गया है।
अफसर बोले, कहीं भी देखें जाम तो तुरंत यातायात कर दें डायवर्ट
पीलीभीत। प्रशासन ने भले ही तमाम इंतजाम किए हों, मगर अब तक हुए किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए आज भी आवागमन बाधित होने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर जाम लगाकर प्रदर्शन करने में भीड़ कामयाब रहती है तो गौहनिया चौराहा से बरेली रोड पर देवहा पुल तक का यातायात बाधित हो सकता है। बीते दिनों हुए प्रदर्शन में भी यही इलाका सर्वाधिक बाधित रहा था। इसके अलावा पूरनपुर में असम रोड पर ट्रैफिक बाधित हो सकता हे। बीते दिनों हुए प्रदर्शन में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी का दिन होने की वजह से बाजार पर कोई असर नहीं पड़ा था। इस बार किसानों का प्रदर्शन सोमवार को हो रहा है। इस वजह से बाजार भी प्रभावित होगा। अफसरों का कहना है कि अगर कहीं किसान जाम लगा देते हैं, तो ट्रैफिक डायवर्ट करने में देरी न करें। जितना जल्द इसे सुचारू कर देंगे, उतना ही जाम कम लगेगा। इसकी प्लानिंग करने के निर्देश भी दिए गए थे। संवाद