आरक्षण का लाभ लेकर प्रोन्नत हुए चार राजस्व कानूनगो को डीएम की फटकार के बाद पदावनत कर दिया गया। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग में अभी पदावनत की कार्रवाई लंबित पड़ी है। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के संयोजक हरदेव शर्मा ने इसकी शिकायत डीएम से की है।
सुप्रीम कोर्ट ने करीब एक साल पूर्व आरक्षण का लाभ लेकर प्रोन्नति पाने वाले अधिकारी कर्मचारियों को पदावनत करने आदेश दिए थे। इसके बाद मुख्य सचिव के माध्यम से जिला स्तर पर भी आदेश का अनुपालन कराने के निर्देश प्राप्त हुए थे। लेकिन बाबुओं की मिलीभगत के चलते कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की जा रही थी। काफी शिकायतों के बाद राजस्व कानूनगो से नायाब तहसीलदार बने अधिकारियों को पदावनत (रिवर्ट) कर दिया, लेकिन लेखपाल ने राजस्व कानूनगो और सहायक कानूनगो बनने वालों की फाइल दबा दी गई। पिछले दिनों इसकी शिकायत मिलने पर डीएम मासूम अली सरवर ने अपने अधीनस्थों को तलब कर दो दिन कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीएम की सख्ती के बाद आनन फानन में फाइल निकाल कर कार्रवाई की गई जिसमें पूरनपुर के राजस्व कानूनगो ब्रिजेंद्र सिंह, सहायक राजस्व कानूनगो कप्तान सिंह, राजाराम और सदर तहसील में तैनात सहायक राजस्व कानूनगो पीतमराम को पदावनत कर दिया गया। डीएम के हस्तक्षेप से राजस्व विभाग में पदावनत की कार्रवाई तो पूरी हो गई लेकिन अभी तक बेसिक शिक्षा विभाग में जहां लगभग 250 लोगों को पदावनत होना है, कार्रवाई नहीं की जा रही है। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के संयोजक हरदेव शर्मा ने इसकी शिकायत डीएम को भेजकर बीएसए कार्यालय में भी पदावनत की कार्रवाई पूर्ण कराने की मांग की है। इस बाबत जानकारी करने पर बीएसए अंबरीश सिंह यादव ने बताया सूची तैयार कर ली गई है। प्रमोशन समिति की बैठक बुलाकर जल्द कार्रवाई की जाएगी।