ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बैठक कर प्रशासनिक अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। साथ ही निलंबित ग्राम पंचायत अधिकारियों को तत्काल बहाल करने की मांग की।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ की बैठक नेहरू पार्क में हुई। गत बैठक की पुष्टि के बाद सदस्यों ने कहा कि क्षमता से अधिक ग्राम पंचायतें होने के कारण काम की अधिकता है, इसके बावजूद अधिकारी उत्पीड़न कर रहे हैं। पिछले दिनों जिन चार ग्राम पंचायत अधिकारियों को बेवजह निलंबित किया गया है, उन्हें तत्काल बहाल करने की मांग की गई। ग्राम पंचायत अधिकारियों ने कहा कि गांव में उनकी तैनाती का अधिकारी डीएम अथवा सीडीओ को है, लेकिन खंड विकास अधिकारी अपने हिसाब से ग्राम पंचायतों का आवंटन करते हैं, जिसमें काफी गड़बड़ी होती है। सभी ने जिलाधिकारी द्वारा 18 अक्तूबर को जारी किए गए आदेश को लागू कराने की मांग की। बैठक में इसके अलावा एसीपी का एरियर भुगतान करने, वेतन समय से देने, पुराना बकाया दिलवाने और अपनी समस्याओं को लेकर जल्द उच्चाधिकारियों को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में अध्यक्ष अंगनलाल, मंत्री हरीसिंह, केपी सिंह, नूरउद्दीन, रविप्रकाश मिश्रा, रफी उल्ला खां, अतुल पाठक, राजवंदन मिश्रा, हरवंश कुमार, अखिलेश गुप्ता, मनोरंजन सिंह सहित ग्राम पंचायत अधिकारी थे।