पीलीभीत। प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना में पात्र लाभार्थियों से प्रधानों और सचिवों के वसूली करने की शिकायतें तो अक्सर अफसरों तक पहुंचती रही हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री शहरी आवासीय योजना भी कमाई का जरिया बनती जा रही है। डूडा अधिकारी की जांच में लाभार्थी से वसूली करने का मामला सही पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की गई है। डूडा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्यदायी संस्था ने अपने जेई की सेवाएं समाप्त कर दी हैं, वहीं वार्ड सभासद के खिलाफ कार्रवाई के लिए ईओ बिलसंडा को पत्र लिखा है। इस कार्रवाई से लाभार्थियों से वसूली करने वालों में खौफ है। डीएम को भी इस प्रकरण की जानकारी दे दी गई है।
बिलसंडा के मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी पप्पू ने पिछले दिनों डूडा अधिकारी अनामिका सक्सेना को उनके कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा था। इसमें पात्रता होने के बाद भी वार्ड सभासद रफीक द्वारा प्रधानमंत्री आवास की प्रथम किस्म में सात हजार, द्वितीय किस्त में चौदह हजार और तीसरी किस्त में सात हजार रुपये की मांग किए जाने की बात कही गई थी। जेई हरिओम पर रुपये न देने पर योजना से वंचित करने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। विवश होकर लाभार्थी ने रफीक के खाते में साढे़ चौदह हजार रुपये भेज दिए थे। आरोप सभासद और जेई पर लगा होने के चलते प्रकरण को गंभीरता से लिया गया। तीन दिन पूर्व डूडा अधिकारी अनामिका सक्सेना मामले की जांच करने बिलसंडा पहुंचीं। वहां जांच पड़ताल के दौरान उन्होंने कई लोगों से पूछताछ की। अभिलेखों की भी पड़ताल की। जांच में लाभार्थी पप्पू से साढे़ चौदह हजार रुपये वसूलने का मामला सही पाया गया। डूडा अधिकारी ने जेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति सहित रिपोर्ट कार्यदायी संस्था एसबैंगरेड को भेज दी। इस पर संस्था ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए जेई हरीओम की सेवाएं समाप्त कर दीं। सभासद रफीक पर कार्रवाई के लिए डूडा अधिकारी ने ईओ बिलसंडा का पत्र लिखा है। डूडा अधिकारी अनामिका सक्सेना ने बताया कि आवासीय योजना में वसूली करने के संबंध में अगर कोई भी शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी गोपनीय जांच कराई जाएगी। मामला ठीक पाए जाने पर संबंधित पर कार्रवाई तय है। उन्होंने बताया कि डीएम वैभव श्रीवास्तव को भी कार्रवाई की रिपोर्ट भेज दी गई है।