जिला अस्पताल में जांच करते एसपी दिनेश कुमार पी
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पीलीभीत के माधोटांडा की दुष्कर्म पीड़िता किशोरी ने घटना के 13वें दिन सोमवार तड़के करीब तीन बजे लखनऊ के केजीएमयू में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम करीब छह बजे शव गांव पहुंचा। देर शाम पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार हुआ। सुबह से ही गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। मामले में दोनों आरोपी राजवीर और ताराचंद उर्फ तरुण को घटना के तीन दिन बाद गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
माधोटांडा क्षेत्र के एक गांव में सात सितंबर को अनुसूचित जाति परिवार की 17 वर्षीय किशोरी घर पर अकेली थी। मां मायके गई हुई थी, जबकि पिता खेत पर थे। तभी गांव के दो युवक घर में घुस गए। आरोप है कि एक युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर दूसरे युवक ने उसके ऊपर डीजल छिड़का और साथी के साथ मिलकर आग लगा दी।
इसके बाद दोनों भाग गए। पिता जब घर पर लौटे तो किशोरी झुलसी हुई बेहोश पड़ी थी। पिता पहले किशोरी को पूरनपुर सीएचसी ले गए, वहां से उसे जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों का कहना है कि 10 सितंबर की शाम किशोरी को होश आया। तब उसने घटना के बारे में बताया।
घटना का पता चलते ही पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। दोनों को गिरफ्तार कर 11 सितंबर को जेल भेज दिया था। इधर, किशोरी को भी 11 सितंबर को लखनऊ केजीएमसी भेज दिया गया। जहां सोमवार तड़के उसकी मौत हो गई।