पीलीभीत। दो साल एक माह के कार्यकाल में डीएम पुलकित खरे ने जिले के विकास को रफ्तार देने में अहम भूमिका निभाई। वर्षों से बदहाल गोमती उद्गमस्थल और गोमती नदी को नया जीवन दिया। बांसुरी चौराहे से लेकर शहर के कई चौराहे, राजघाट, खकरा रिवर फ्रंट बनवाने में प्राथमिकता दी। पीलीभीत मंडी में धान खरीद के दौरान वायरल वीडियो के बाद उनकी चर्चा हुई थी। नए डीएम के लिए उनके कार्यों को आगे बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं है।
पुलकित खरे को अब कान्हा की नगरी मथुरा का डीएम बनाया गया है। उनका स्थान अब मिर्जापुर के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार लेंगे। पुलकित खरे 17 अगस्त, 2020 को पीलीभीत के डीएम बनाए गए थे। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने जिले के विकास कार्यों को तरजीह दी। नौगवां फ्लाईओवर को जगमग किया, गांधी स्टेडियम, ईदगाह की हालत सुधारी। रेलवे फाटक के पास जहां कूड़े के ढेर लगते थे, वहां राजघाट बनवाया। शहर के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण, बांसुरी उत्सव, सबसे लंबी बांसुरी बनाने का विश्व रिकॉर्ड जैसे कार्य उनके कार्यकाल में हुए।
कई मामलों में जिले को प्रदेश स्तर पर अवार्ड भी मिले। डीएम पुलकित खरे को लेकर चर्चा है कि पिछले कुछ समय से वह गन्ना विकास एवं चीनी मिल राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के निशाने पर थे। खासतौर से पूरनपुर तहसील मुख्यालय पर राज्यमंत्री के रात में आकस्मिक निरीक्षण और डीएम कोर्ट में वादों की सुनवाई के मामलों को लेकर उनकी राज्यमंत्री से दूरी बनने लगी थी।
आज आ सकते हैं नए डीएम प्रवीण कुमार
जिले के नए डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार सोमवार को कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं। वह 2012 बैच के आईएएस हैं। उनकी पहली पोस्टिंग 2013 में रायबरेली में ट्रेनी आईएएस के रूप में हुई थी। वहां से 2014 में उनका तबादला अलीगढ़ में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर हुआ। करीब दो साल बाद 2016 में उनका ललितपुर में मुख्य विकास अधिकारी के पद तबादला हुआ था। इसके बाद वह हाथरस में डीएम भी रहे। हाथरस कांड के दौरान वह काफी चर्चा में रहे थे।