किसानों को मिलेंगे मुफ्त दलहन-तिलहन बीज
कृषि मंत्री ने कहा कि इस बार धान का मूल्य 2425 रुपये होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। गन्ना किसानों के भुगतान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार में गन्ना मूल्य 400 रुपये तक पहुंचा है और अब तक करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने किसानों से गन्ने के साथ मसूर की सहफसली खेती अपनाने की अपील की। कहा कि किसानों को मसूर, सरसों और चना के निशुल्क बीज उपलब्ध कराए जाएंगे।
पीलीभीत फिर बासमती की खुशबू से महकेगा : जितिन
केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि पीलीभीत की पहचान कभी चावल के कटोरे के रूप में थी, लेकिन समय के साथ यहां के किसानों ने बासमती छोड़कर मोटे धान की खेती को अधिक अपनाना शुरू कर दिया। अब प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना से क्षेत्र में बासमती की खेती को नई गति मिलेगी।
किसानों का संवरेगा भविष्य : सूर्यप्रताप शाही
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि टांडा विजेसी में स्थापित होने वाला बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र किसानों का भविष्य संवरेगा। किसानों को उन्नत बीज, फसल रखरखाव, उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता, प्रसंस्करण और पैकेजिंग तक की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिले के लिए की गईं प्रमुख घोषणाएं
- टांडा विजेसी में सात एकड़ में करीब 15 करोड़ रुपये से बासमती एवं जैविक प्रशिक्षण केंद्र।
- पूरनपुर में करीब 60 करोड़ रुपये से गोमती उद्गम स्थल के विकास की योजना।
- बीसलपुर में वाणिज्य मंत्रालय के माध्यम से औद्योगिक केंद्र स्थापित कराने का प्रयास।
- बिलसंडा में पौने दो करोड़ रुपये से कृषि कल्याण केंद्र बनाने की घोषणा।
- निर्यात के लिए 20 लाख रुपये तक सब्सिडी की व्यवस्था।
- मसूर, सरसों और चना के निशुल्क बीज उपलब्ध कराने पर जोर।
- जिले में किसानों को 2500 सोलर पंप और 213 किसानों को ट्रैक्टर व कृषि यंत्र दिए जाने की जानकारी।
- केंद्र में 45 अधिसूचित बासमती किस्मों की गैलरी और अत्याधुनिक गुणवत्ता जांच प्रयोगशाला।
बासमती की 45 किस्मों की गैलरी, डीएनए और अवशेष जांच की होगी सुविधा
प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्र में बासमती की उन्नत प्रजातियों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्र में 45 अधिसूचित बासमती किस्मों की इंटरैक्टिव गैलरी स्थापित की जाएगी। किसानों को बीज चयन, बीज उपचार, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और जैविक खेती की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। केंद्र में उन्नत बीज इकाई के साथ अत्याधुनिक प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। इसमें चावल का डीएनए परीक्षण, कीटनाशक अवशेष और भारी धातुओं की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे निर्यात के लिए तैयार होने वाले बासमती चावल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
खेत से विदेशी बाजार तक किसानों को जोड़ने की तैयारी
प्रशिक्षण केंद्र में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्यमियों, स्टार्टअप, निर्यातकों और प्रसंस्करणकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। किसानों को केवल फसल पैदा करने तक सीमित न रखकर उन्हें गुणवत्ता, मिलिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जोड़ा जाएगा। बासमती की 1121 प्रजाति की मांग अधिक है। मंडल में 250 से अधिक राइस मिलें होने के बावजूद अधिकांश मिलों में मोटे धान की मिलिंग होती है।
बासमती की खेती की अच्छी संभावनाएं हैं। प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने से किसानों को उन्नत बीज, खेती की आधुनिक तकनीक और फसल की गुणवत्ता सुधारने की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। - लाखन लाल, किसान
बासमती की खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां किसानों को अलग-अलग स्रोतों से जुटानी पड़ती हैं। प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने के बाद किसानों को खेत पर ही आधुनिक तकनीक जानने व अपनाने का मौका मिलेगा। - नरेंद्र, किसान
अच्छी फसल तैयार करने के बाद किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उचित मूल्य हासिल करने की होती है। प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से सीधे बाजार से जोड़ा जाता है तो इसका सीधा लाभ मिलेगा। - मोहन लाल, किसान