पीलीभीत। बीसलपुर तहसील क्षेत्र के मदरसा यादगारे इस्लाम खां से जुड़े मामले में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच में मदरसा भवन अत्यंत जर्जर और अस्थायी पाए जाने के बाद छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए मदरसे की पूर्व में जारी स्थानांतरण अनुमति निरस्त कर दी गई है। साथ ही मदरसे का संचालन मान्यता की शर्तों के अनुसार, उसके मूल स्थान पर ही संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए है।
बीसलपुर तहसील क्षेत्र के गांव मुसेली में मदरसा संचालित किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि का एक भाग वर्ष 2022 में दानपत्र के माध्यम से मदरसे के प्रबंधक के पक्ष में हस्तांतरित किया गया था। वहीं, इसी भूमि से संबंधित एक वाद उपजिलाधिकारी (न्यायिक) न्यायालय, बीसलपुर में विचाराधीन है। इसमें न्यायालय ने वाद के अंतिम निस्तारण तक भूमि पर विक्रय, खरीद अथवा निर्माण कार्य पर रोक लगाने और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में मदरसा भवन की स्थिति को चिंताजनक बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भवन पक्के लिंटर के बजाय सीमेंटेड टिनशेड से निर्मित है। कई दीवारों पर प्लास्टर नहीं है। अन्य कमियों को देखते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने वर्ष 2022 में अस्थायी मान्यता के स्थानांतरण संबंधी अनुमति पत्र को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही वर्ष 2010 में जारी प्रोविजनल मान्यता प्रमाणपत्र की शर्तों के तहत मदरसे का संचालन मूल स्थान पर ही करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला अल्पसंख्यक अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य ने बताया कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए पूर्व में जारी स्थानांतरण अनुमति को निरस्त किया गया है। संवाद