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Pilibhit News: चेक बाउंस मामले में आरोपी का स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी

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दो साल से गायब चल रहे आरोपी के नहीं मिलने पर कोर्ट ने की कार्रवाई
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पीलीभीत। चेक बाउंस के मामले में दो साल से न्यायालय में अनुपस्थित चल रहे आरोपी के खिलाफ अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-दो ने स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने आरोपी को फरार घोषित करते हुए पुलिस को उसका नाम अपराधियों की श्रेणी में दर्ज करने और नदारद चल रहे आरोपियों के चार्ट में शामिल करने के निर्देश दिए हैं।
मोटिव माइक्रो फाइनेंस की ओर से शिवम कुमार के खिलाफ धारा 138 एनआई एक्ट के तहत परिवाद दायर किया गया था। परिवाद के अनुसार आरोपी ने कंपनी से 1.50 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण खाते में बकाया धनराशि के भुगतान के लिए आरोपी ने 1.50 लाख रुपये का चेक दिया। चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गया। इसके बाद परिवादी की ओर से आरोपी को कानूनी नोटिस भेजकर चेक की धनराशि का भुगतान करने की मांग की गई, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
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इसके बाद न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी लंबे समय से न्यायालय से अनुपस्थित चल रहा है। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट समेत आदि की प्रक्रिया जारी की गई, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। थाना न्यूरिया से प्राप्त रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी करीब दो वर्ष पहले अपना मकान बेचकर कहीं चला गया है। उसके दिए गए पते पर भी वह नहीं रहता है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीकांत गौरव ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कहा कि आरोपी के निकट भविष्य में न्यायालय में उपस्थित होने की संभावना नहीं है। इस पर उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए परिवाद की कार्यवाही धारा 299 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत रोक दी गई।
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कोर्ट ने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि आरोपी को फरार घोषित किए जाने के कारण उसका नाम थाने में अपराधियों की श्रेणी में दर्ज किया जाए और फरार आरोपियों के चार्ट में भी उसका उल्लेख किया जाए। आरोपी के गिरफ्तार होने पर उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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