पूरनपुर। खेत में पराली जली मिलने पर डीएम ने सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्ट देने और एक वेतन वृद्धि रोकने की चेतावनी दी। एसडीएम ने एक लेखपाल का स्पष्टीकरण तलब किया है। लेखपालों को क्षेत्र में भेजकर पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश एसडीएम ने दिए। डीएम की सख्ती से लेखपालों में हड़कंप मचा गया है।
क्षेत्र में अधिकांश किसान कंबाइन से धान की कटाई कराते हैं। फिर अगली फसल के लिए पराली जलाकर नष्ट करते हैं। फिर खेत की जुताई करते हैं। पराली जलाने से हो रहे पर्यावरण प्रदूषण पर कोर्ट ने सख्ती कर दी है। अब पराली जलाने पर पूरी तरह रोक लगी है। इसके बाद भी खेतों में पराली जलाई जाती है। शुरूआत में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई। 26 अक्तूबर को भाकियू वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह के नेतृत्व में किसानों ने तहसील परिसर में धरना देकर प्रदर्शन कर दर्ज मुकदमे को निरस्त कराने ओर पराली जलाने की छूट देने की मांग की। धरना प्रदर्शन के बाद लेखपाल कार्रवाई न करके शांत हो गए।
बुधवार को डीएम वैभव श्रीवास्तव ने गांव रघुनाथपुर, खमरिया पट्टी आदि में भ्रमण कर कई खेतों में पराली जली होना पकड़ लिया। इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही एसडीएम को प्रतिकूल प्रविष्ट देने और एक वेतन वृृद्धि रोकने की चेतावनी दी। साथ ही पराली जलाए जाने पर किसान के खिलाफ एफआईआर न कराने वाले लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि रघुनाथपुर के क्षेत्रीय लेखपाल को पराली जलाने के मामले में स्पष्टीकरण तलब किया गया है। बृहस्पतिवार को लेखपालों को क्षेत्र में भेजकर पराली जली मिलने पर किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए है। डीएम की सख्ती के बाद लेखपालों में हड़कंप मचा हुआ है। तीन लेखपालों ने कोतवाली पहुंचकर पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी है।