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टाइगर रिजर्व के सफारी ड्राइवर अब वर्दी में रहेंगे

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पीलीभीत। प्रमुख पर्यटन स्थल टाइगर रिजर्व और इसमें बना चूका बीच पर्यटकों के लिए 15 नवंबर से खोल दिया जाएगा। इसको लेकर टाइगर रिजर्व और वन निगम की ओर से तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। वहीं सफारी की व्यवस्था सुधारने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसके लिए गुरुवार को टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर टूरिस्ट गाइडों की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें अफसरों ने जरूरी जानकारी देने के साथ दिशा निर्देश भी जारी किए। इस बार गाइड के अलावा सफारी वाहन चालक भी ग्रे कलर के ड्रेस कोड में मौजूद रहेंगे।
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टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कोर एरिया में चूका बीच की सुंदरता और जंगल से बीचो बीच बनी खूबसूरत हट के अलावा शारदा डैम की अद्भुत वादियां पर्यटकों को यहां आने पर मजबूर कर देती है। जंगल सफारी के दौरान वन्यजीवों के दीदार भी पर्यटकों के आनंद को बढ़ाता है। पर्यटक पूरे सत्र बाघ के दीदार करने के इच्छुक रहते हैं। हालांकि वन राजा शेर के दीदार यदाकदा ही हो पाते हैं। पर्यटन सत्र का समय नजदीक आते ही वन विभाग के अफसरों ने तैयारियां तेज कर दी है। चूका बीच की मरम्मत के साथ जंगली मार्गों को दुरुस्त करने का कार्य तेज कर दिया है। गुरुवार को टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर डीएफओ नवीन खंडेलवाल की अध्यक्षता में टूरिस्ट गाइडों की बैठक बुलाई गई। इसमें चिह्नित मार्गों पर ही सफारी वाहन ले जाने, ड्रेस कोड में ही जंगल सफारी कराने के साथ ही गाइडों को अन्य दिशा निर्देश दिए गए। निर्णय लिया गया कि इस बार गाइडों के साथ ही वाहन चालक भी ड्रेस में रहेंगे। इसका ड्रेस का रंग ग्रे तय किया गया है। इसके लिए अफसरों ने जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए है। बैठक पर एसडीओ माला उमेश राय, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना निदेशक नरेश कुमार, महोफ रेंज गिरीराज सिंह समेत अफसर मौजूद रहे।
चूका बीच में जंगल सफारी की जिम्मेदारी संभालने के लिए 35 गाइड तैनात हैं। वहीं वन निगम की पांच टाटा जीनान वाहन समेत कुल 22 वाहन है जिनका जंगल सफारी करने में प्रयोग किया जाता है। पूर्व में जंगल सफारी के प्रति चक्कर तीन सौ रुपये दिए जाते हैं। अफसरों ने इस बार सौ रुपये प्रति चक्कर बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जिसपर जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना निदेशक नरेश कुमार ने बताया कि बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पूर्व में जंगल सफारी के मार्ग चिह्नित किए गए थे। इसमें किन्हीं कारणों से दो सार्ट रूट (लिंक मार्ग) नहीं खुल सके थे। यह रूट इस बार खोल दिए जाएंगे।
पर्यटन सत्र को ध्यान में रखते हुए टूरिस्ट गाइडों की बैठक ली गई है। इसमें जरूरी जानकारी साझा करने के साथ निर्देश भी दिए गए है। जंगल सफारी के वाहन चालक का ड्रेस कोड निर्धारित करने का निर्णय लिया गया है। गाइडों के प्रति चक्कर सौ रुपये बढ़ाने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। - नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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