सिमरिया ता.अजीतपुर बिल्हा में खस्ताहाल पडी सरस हाट(उपमंडी)। स्रोत ग्रामीण
घुंघचाई। लाखों रुपये की लागत से गांव सिमरिया ताल्लुका अजीतपुर बिल्हा में बनाई गई सरस हाट (उप मंडी) का कोई पुरसाहाल नहीं है। अधिकारियों की ओर से ध्यान न दिए जाने से उपमंडी खस्ताहाल होती जा रही है।
केंद्र सरकार की ओर से पूर्व में संचालित की गई स्वर्ण जयंती स्वरोजगार योजना के तहत सरस हाट (उपमंडी) बाजार का निर्माण कराया गया था। इसमें सरकार के लाखों रुपये खर्च हुए थे। वर्ष 2009 में सरस हाट का निर्माण कराया था। उपयोग न होने के चलते अब यह बदहाल हो चुका है। स्थानीय लोग अब इसमें भूसा रखने के साथ ही पशु बांध रहे हैं। कई लोगों ने उपले थोपने के साथ ही घूरा डालना शुरू कर दिया। सरस हाट की दीवारें टूटने लगी हैं। बाउंड्री वाल सहित दर्जन भर दुकानें तैयार कराई गईं थीं लेकिन इनका आवंटन अब तक नहीं किया। देखरेख के अभाव में लोगों ने अपने कृषि यंत्रों को अंदर खड़ा करना शुरू कर दिया। अक्सर लोग परिसर में ताश खेलते नजर आते हैं। सरस हाट के दरवाजे, खिडकियां, दीवारें टूट चुकी हैं।
आसपास लोगों ने गंदगी करना शुरु कर दिया है। मुख्य गेट पर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। दीवार से प्लास्टर उखड़ रहा है। शटर में जंग लगने से वे खराब चुके हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार बेपरवाह हैं। निर्माण के बाद यह कभी उपयोग में नहीं आया। कभी कोई अधिकारी निरीक्षण करने भी नहीं पहुंचा। सरस हाट के जीर्णोद्धार के लिए कई बार अवैध कब्जा हटाने के लिए कहा गया लेकिन जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
क्या है सरस हाट
सरस हाट से तात्पर्य एक प्रकार की छोटी मंडी से है, जहां किसान अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों को बेच सकें। गरीब तबके के ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गांवों में सरस हाट की स्थापना कराई थी। मंशा यह थी कि आसपास के गांवों के आम लोग आसानी से अपनी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को सरस हाट से खरीद सकें लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। दुकानदार सड़कों के किनारे दुकानें लगाने के लिए मजबूर हैं।
सिमरिया गांव में सरस हाट पर कब्जा किया गया है, इसकी जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले को दिखवाया जाएगा। अवैध कब्जा पाए जाने पर सरस हाट से जल्द ही हटाया जाएगा।
ऋषिकांत, नायब तहसीलदार, पूरनपुर