दुकान हटाने की चेतावनी के विरोध में जोगराजपुर में बंद दुकानें-संवाद
पूरनपुर। दुकानें हटाने की चेतावनी के विरोध में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने व्यापार दूसरी जगह स्थापित करने के लिए कुछ समय देने की मांग की। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा ने केंद्रीय राज्यमंत्री और रेलवे के उच्च अफसरों से मिलकर व्यापारियों की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। पूर्व ठेकेदार ने बुधवार को रेलवे की जमीन पर व्यापार करने वाले सभी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कर पांच दिन के अंदर दुकानें हटाने की चेतावनी दी।
सेहरामऊ स्टेशन के समीप रेलवे की जमीन पर लंबे समय से करीब 150 दुकानें लगी हैं। इन दुकानदारों से रेलवे का तहबाजारी ठेकेदार करीब 30 साल से तहबाजारी वसूल करता था। रेलवे ने इस साल तहबाजारी का ठेका नहीं किया। निवर्तमान ठेकेदार को नोटिस जारी कर रेलवे की जमीन से दुकानों को पांच दिन के अंदर हटवाने और बलपूर्वक दुकानें हटाने पर खर्चे की वसूली की चेतावनी दी। बुधवार को निवर्तमान ठेकेदार ने सभी दुकानों पर नोटिस चस्पा कर पांच दिन के अंदर अपनी दुकानें हटाने की चेतावनी दी। इसके विरोध में रेलवे की जमीन पर काबिज दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकानें बंद रखीं।
एक स्थान पर एकत्र होकर दुकानें हटाने की चेतावनी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने कहा कि 30 साल से रेलवे की जमीन पर व्यापार के बदले नियमित तहबाजारी देते आए हैं। अचानक दुकानें हटने पर वे लोग बेरोजगार हो जाएंगे। क्षेत्र में फैली उधारी भी डूब जाएगी। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने जमीन खाली करने के लिए कुछ समय देने की मांग की। जोगराजपुर पहुंची पूर्व जिला पंचायत सदस्य अर्चना वर्मा ने शीघ्र ही केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और रेलवे के उच्च अफसरों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।
पसरा रहा सन्नाटा,व्यापारी रोजी-रोटी के संकट को लेकर दिखे चिंतित
पूरनपुर। जोगराजपुर में सेहरामऊ रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे की जमीन पर चल रहीं सभी दुकानें बुधवार को बंद रहीं। इससे सन्नाटा पसरा रहा। सामान की खरीदारी के लिए आए ग्राहकों को लौटना पड़ा। जगह-जगह एकत्र व्यापारी दुकानें हटने से रोजी, रोटी के संकट पर चर्चा करते रहे। उधारी फंसने, कब और कहां दुकान खोली जाएं आदि की चर्चा होती रही।
दुकान हटाने की चेतावनी के विरोध में जोगराजपुर में बंद दुकानें-संवाद