पूरनपुर। शारदा नदी पार बाघ की चहलकदमी रुक नहीं रही है। गांव भुरजनिया और शास्त्रीनगर के बीच पुल के समीप तीन बाघ एक साथ देखे गए। शोर-शराबा पर तीनों बाघ गन्ने के खेत में चले गए। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम को बाघों की चहलकदमी के निशान मिले। बाघों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है।
हजारा में शारदा नदी किनारे महीनों से बाघ की चहल कदमी देखी जा रही है। बाघ कई बार नदी रास्ते पर भी देखा गया। इसकी सूचना वन विभाग को भी कई बार दी गई। मंगलवार को हजारा थाना क्षेत्र के गांव भुरजनिया और शास्त्रीनगर के बीच पुल के समीप एक साथ तीन बाघ देख राहगीरों ने शोर-शराबा किया।
इस पर तीनों बाघ फिर पास के गन्ने के खेत में घुस गए। सूचना पर संपूर्णानगर की सामाजिक वानिकी टीम पहुंची। टीम को क्षेत्र में बाघों के पगचिह्न मिले हैं। बाघों को पकड़ने को हजारा बीट में पिंजरा लगाया है। बाघों की चहलकदमी से राहगीरों और आसपास के लोग दहशत में है। संपूर्णानगर सामाजिक वानिकी के रेंजर ललित कुमार ने बताया कि बाघिन के दो शावकों के साथ भुरजनिया-शास्त्रीनगर के समीप चहलकदमी कर रही है।
उन्होंने बताया कि एक ओर कोर जोन दुधवा और दूसरी ओर पीटीआर होने से अक्सर बाघ और दूसरे वन्यजीव जंगल से निकलकर खेतों, रास्तों पर चहलकदमी कर वापस जंगल में लौट जाते हैं। आसपास खेतों में गन्ना है।
अक्सर खेतों में भी बाघ होने की सूचना मिल रही है। बाघ को पकड़ने और खदेड़ने की कोशिश की जा रही है।