चुर्रा सकतपुर/ बीसलपुर। गन्ना उपज कम हो जाने के कारण चीनी मिल ने चुर्रा सकतपुर गांव से क्रय केंद्र हटा दिया। गांव के किसानों को काफी दूर स्थित गन्ना क्रय केंद्र से संबद्ध कर दिया। इससे किसानों में रोष है।
सहकारी चीनी मिल की शुरूआत से ही चुर्रा सकतपुर में गन्ना क्रय केंद्र स्थापित किया था। इस बार क्षेत्र में गन्ना उपज का रकबा काफी घट जाने के कारण यहां के किसानों को मिल गेट से संबद्ध कर दिया। किसानों ने इस केंद्र को संचालित कराने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के काफी चक्कर लगाए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। क्रय केंद्र का संचालन नहीं होने से इस केंद्र से जुड़े गांवों के गन्ना किसानों के सट्टे चीनी मिल गेट स्थित क्रय केंद्रों से संबद्ध करा दिए। इस क्षेत्र के किसानों को अपना गन्ना तुलवाने के लिए चीनी मिल गेट पर ले जाना पड़ता है। इसमें का पैसा और समय अधिक खर्च होता है। बंद पड़े केंद्र का संचालन न होने से क्षेत्र के किसानों में रोष है।
इन गांवों के किसानों को हो रही दिक्कत
चुरा सकतपुर, महादेवा, मीरपुर वाहन, रिछोला सबल, रिच्छुलिया, अभयपुर, सायर, मुसैली, राजुपुर, भौरुआ।
चुर्रा सकतपुर क्रय केंद्र का संचालन होना बहुत जरूरी है। इसका संचालन न होने से गन्ना किसानों को काफी दिक्कत हो रही है। अंकुर पाल
चुर्रा सकतपुर गन्ना केंद्र को चालू करने के मामले में संबंधित अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। किसानों के हित में इस केंद्र का संचालन होना बहुत जरूरी है।
कृष्ण पाल सिंह
चुर्रा सकतपुर क्षेत्र का काफी गन्ना बाढ़ में खराब हो गया था। अच्छा गन्ना थोड़ा ही रह गया था। ऐसे में किसानों ने स्वेच्छा से अपने सट्टे मिल गेट के केंद्र से संबद्ध कराए हैं।
अवधेश कुमार, मुख्य गन्ना अधिकारी
बीसलपुर के गांव चुरा सकतपुर का शो पीस बना गन्ना क्रय केंद्र संवाद
बीसलपुर के गांव चुरा सकतपुर का शो पीस बना गन्ना क्रय केंद्र संवाद