पीलीभीत। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में खराब प्रदर्शन के बाद भी नगर पालिका ने शहर और वार्डों में सफाई व्यवस्था की ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे शहर के कई वार्ड अब भी कूड़े और गंदगी का सामना कर रहे हैं। नगर पालिका के चिह्नित प्वाइंट से भी नियमित कूड़ा नहीं उठने के चलते राहगीरों को बदबूदार माहौल का सामना करना पड़ता है। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की पूर्ति के बाद भी नियमित वार्डों में आधी अधूरी सफाई हो रही है। शहर क्षेत्र के सूखे कूड़े के निस्तारण के लिए लाखों रुपये से बने एमआरएफ सेंटर (सामग्री पुनर्प्राप्ति सुविधा) भी ऑपरेटर के अभाव में ठप पड़ा हुआ है।
शहर की सफाई व्यवस्था नगर पालिका का मुख्य कार्य है। इसके लिए 140 सरकारी और 251 संविदा कर्मी शहर में नियमित सफाई करने, कूड़ा उठाना आदि के लिए तैनात किए गए हैं। बावजूद इसके शहर के मुख्य मार्ग सहित कई वार्डों में गली आदि कूड़ा करकट से पटी पड़ी हैं। शनिवार को शहर में वार्डों की सफाई व्यवस्था की पड़ताल की गई। इसमें वार्ड छह सुनगढ़ी के वार्ड सभासद की गली में ही गंदगी के ढेर पाए। वार्ड की सुदमा गली की स्थिति कूड़े और गंदगी से ऐसी दिखी, जैसे महीनों से कोई कर्मचारी सफाई के लिए नहीं आया हो। वार्ड में कार्य की अपेक्षा सिर्फ आधे ही कर्मचारी तैनात हैं। शहर के वार्ड 19 मोहल्ला काला मंदिर में मोहल्ले में गंदी के जगह-जगह ढेर लगे देखे गए। मोहल्ले वासियों ने बताया कि कूड़े के ढेर को कोई उठाने नहीं आता है, जबकि उसको पालिका की ही टीम जला देती है। इसी के साथ जिला अस्पताल में दोपहर दो बजे तक कूड़े का उठान नहीं हुआ और गंदगी से जिला अस्पताल का कूड़ाघर पटा हुआ देखा गया। शहर के संजय नगर जाने वाले मार्ग पर कूड़े का ढेर नहीं हटने के चलते गाय कूड़ा खाते हुए देखी गई।
ऑपरेटर के अभाव में एमआरएफ सेंटर ठप
नगर में कूड़ा निस्तारण के लिए शहर से सटे नकटादाना चौराहे के करीब एक कॉलोनी में लगभग पांच वर्ष पहले एमआरएफ सेंटर लगाया गया। इसमें प्लास्टिक, कांच, मैटल, गत्ता आदि के निस्तारण करते हुए इसको बेचकर पालिका के आय बढ़ाने की योजना बनी लेकिन लंबे समय बाद अभी तक एमआरएफ सेंटर की मशीनों के संचालन के लिए नगर पालिका को ऑपरेटर ही नहीं मिल सका। इसके चलते यहां सूखा कूड़ा आता जरूर है लेकिन सिर्फ अलग करके प्लांट पर भेज दिया जाता है।
सभासदों व चेयरमैन के आपसी विवाद भी वजह
शहर के लगभग 12 से अधिक सभासदों का विवाद आए दिन नगर पालिका की अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल से विकास कार्यों की रुकावट के चलते होता रहता है। आरोप यह भी है कि उनके वार्ड से पालिका ने सफाई कर्मी भी कम कर लिए हैं जिससे उनके वार्डों में सफाई कार्य ठीक से नहीं हो पाता। हालात ये हैं कि वार्डों में सफाई कर्मियों के अभाव में घरों से कूड़ा कलेक्शन का कार्य तक नहीं हो पा रहा है।
सड़कों पर नियमित नहीं हो रही रात की शिफ्ट
शहर में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगभग दो माह पहले पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने रात में भी सफाई कर्मचारियों की डयूटी लगाई थी। जो मुख्य मार्गों से कूड़ा उठाने के साथ निस्तारण कर रहे थे, लेकिन कुछ दिनों से रात की शिफ्ट भी नियमित नहीं हो रही है जिससे लोगों में अब नाराजगी है।
वार्ड में सफाई कर्मचारियों की कमी है। कई बार कर्मचारी बढ़ाने को लेकर बताया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
शिखा वर्मा, सभासद मोहल्ला थान सिंह
वार्ड की कुछ गलियों में कर्मचारी नहीं जा रहे हैं। वार्ड बढ़ा होने के चलते कर्मचारियों का अभाव भी है। पालिका से सफाई कर्मचारी बढ़ाने की मांग की है।
रत्ना शुक्ला, सभासद सुनगढ़ी
एसआईआर के संदर्भ में कुछ दिन थोड़ी असुविधा हो रही है। कुछ कर्मचारियों को एसआईआर डयूटी पर लगाया गया है। जल्द ही सफाई व्यवस्था का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। एमआरएफ सेंटर भी लगातार चल रहा है।- संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की मशीनरी के लिए टेंडर प्रक्रिया की योजना बनाई जा रही है। एमआरएफ सेंटर के लिए जल्द ही प्रोजेक्ट मैनेजर रखा जाएगा, वर्तमान में संचालन भी किया जा रहा है। शहर में नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। - डॉ. आस्था अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष
शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर गली में गंदगी का आलम। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक
शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर गली में गंदगी का आलम। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक
शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर गली में गंदगी का आलम। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक
शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर गली में गंदगी का आलम। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक
शहर के मोहल्ला काला मंदिर पर गली में गंदगी का आलम। संवाद- फोटो : जागरूक पाठक