स्टेशन पर ठंड में बैठे यात्रीगण। संवाद
पीलीभीत। मौसम का मिजाज दिन-प्रतिदिन बदल रहा है। ठंड बढ़ने लगी है। दिन के समय तो काम चल जाता है। रात में कंबल का सहारा भी कम पड़ने लगा है। ऐसे में खुलेे में और रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और सार्वजनिक स्थानों पर मजबूरी में रुकने वालों की रात ठिठुर कर गुजर रही है। शहर में नगर पालिका का रैन बसेरा तो है, लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। रविवार शाम 6:30 से सात बजे की बीच की गई पड़ताल में रैन बसेरा में सन्नाटा और रेलवे स्टेशन के पास लोग सर्दी से बचाव के प्रयास करते दिखे।
बोर्ड न कोई फ्लैक्सी, रैन बसेरा तक कैसे पहुंचें लोग
शहर में नकटादाना चौराहे से करीब एक किलोमीटर दूर पिंक सिटी में नगरपालिका का रैन बसेरा संचालित है। इसमें 50 से अधिक लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। रैन बसेरा की रेलवे स्टेशन से दूरी दो किलोमीटर से अधिक और बस अड्डे से करीब तीन किमी है। नगरपालिका की ओर से इसका प्रचार-प्रसार नहीं कराया है। स्टेशन के पास एक छोटा बोर्ड लगा है, जो नजर ही नहीं आता। जानकारी न होने से शाम के समय रात वाली ट्रेन से आने वाले मैलानी, शाहजहांपुर, टनकपुर और अन्य स्थानों के यात्री स्टेशन पर रात गुजारते हैं।
नगरपालिका परिसर में अभी संचालित नहीं है रैन बसेरा
मौसम में सर्दी का असर तो बढ़ गया लेकिन नगरपालिका ने अपने कार्यालय परिसर में अभी अस्थायी रैन बसेरे का संचालन शुरू नहीं किया है। इसके संचालन से रेलवे स्टेशन पर रात बिताने वालों को सुविधा मिलती है। नगर पालिका कार्यालय रेलवे स्टेशन से बमुश्किल पांच सौ मीटर दूरी पर है।
अधिक से अधिक लोग रैन बसेरे तक पहुंचेे, इसके लिए प्रचार-प्रचार कराया जाएगा। बोर्ड लगवाए जाएंगे। कार्यालय परिसर में बनने वाले अस्थाई रैन बसेरा के संचालन की तैयारी भी की जा रही है।- संजीव कुमार, ईओ नगर पालिका