पीलीभीत। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में शहर में चार अर्बन आरोग्य मंदिर तो खोल दिए लेकिन स्टाफ की कमी और चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। मरीजों को इलाज की जगह बंद कमरे और खाली कुर्सी देखकर मायूस लौटना पड़ रहा है। हालांकि विभाग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का दावा कर रहा है।
करीब दो माह पूर्व शहर में मोहल्ला भूरेखां, सराय खां, नखासा और मोहल्ला सुनगढ़ी में नगरीय आरोग्य मंदिर खोले हैं। सभी में एमबीबीएस चिकित्सकों की तैनाती हुई। नौ बजे से ओपीडी का समय रखा गया। शनिवार को इन अस्पतालों की पड़ताल में स्वास्थ्य सेवाएं कागजों पर ही संचालित नजर आईं। दोपहर 12:30 बजे मोहल्ला भूरेखां में चिकित्सक राहुल कुशवाहा मौजूद थे। उन्होंने 40 मरीजों को परामर्श दिया और दवाएं बांटीं।
सराय खां के ओपीडी कक्ष में ताला, उपस्थित नहीं थे चिकित्सक
मोहल्ला सराय खां में ओपीडी के कक्ष में 1.21 बजे ताला लगा था। चिकित्सक जा चुके थे। यहां सहायक कर्मचारी भी नदारद थे। महिला सहायक कर्मचारी डयूटी पर तैनात थीं। चिकित्सक और अन्य कर्मी के विषय में जानकारी नहीं थी। मोहल्ला नखासा के आरोग्य मंदिर में 2.34 बजे चिकित्सक जा चुके थे। यहां एक महिला कर्मचारी किश्वत ही मौजूद थीं। यहां कुछ मरीज पहुंचे जो इलाज के अभाव में मायूस लौट रहे थे।
बच्चे के गले में समस्या होने पर दिखाने आए हैं। चिकित्सक अभी मौजूद नहीं है। - नाजरा
ब्लड प्रेशर की समस्या है। जांच कराने आया था। मगर चिकित्सक मौजूद नहीं हैं। - अब्दुल
सभी अर्बन आरोग्य मंदिरों पर चिकित्सकों की तैनाती हुई है। जो डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं थे, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
मोहल्ला खकरा के सराय खां में ओपीडी कक्ष पर पड़ा ताला। संवाद
मोहल्ला खकरा के सराय खां में ओपीडी कक्ष पर पड़ा ताला। संवाद
मोहल्ला खकरा के सराय खां में ओपीडी कक्ष पर पड़ा ताला। संवाद