पीलीभीत। पीटीआर में जंगली हाथियों की दस्तक किसानों के लिए परेशानी का सबब बनी है। सोमवार रात हाथियों ने महोफ रेंज की सीमा में पहुंचकर तारफेंसिंग को क्षतिग्रस्त करने के साथ खेतों में पहुंचकर फसलों को भी नुकसान पहुंचाया।
नेपाली हाथियों की पिछले कई माह से पीटीआर के जंगल में सक्रियता बढ़ गई है। हालांकि कई दिनों से नेपाल के हाथी शांत थे लेकिन सोमवार रात फिर हाथियों का एक झुंड महोफ रेंज में दाखिल हुआ और करीब 50 मीटर लंबी तार फेंसिंग को तोड़ते हुए आसपास के खेतों में घुस गया। हाथियों ने खेतों में चहलकदमी करते हुए गेहूं और गन्ने की फसलों को बुरी तरह रौंद डाला। इससे किसानों को नुकसान हुआ है। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही महोफ गांव और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने पूरी रात जागकर शोर-शराबा किया और किसी तरह हाथियों को खेतों से बाहर खदेड़ने का प्रयास किया।
मंगलवार को भी हाथियों की क्षेत्र में मौजूदगी का शोर मचता रहा। कांग्रेस नेता सैयद मोहम्मद जकी ने डीएफओ को जानकारी दी और नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है। बताया कि हाथियों ने उनकी दो एकड़ गेहूं की फसल रौंद डाली है। उन्होंने कहा कि नेपाली हाथियों की सालभर आवाजाही बनी रहती है लेकिन फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम नहीं हो पा रहे हैं। डीएफओ मनीष सिंह का कहना है कि क्षेत्रीय वनकर्मियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। संवाद