शारदा सागर डैम के जर्जर मार्ग पर शुरू हुआ मरम्मत कार्य। स्रोत ग्रामीण
माधोटांडा। शारदा सागर डैम के जर्जर मुख्य मार्ग की मरम्मत गड्ढा मुक्ति योजना के तहत शुरू कर दी है लेकिन कार्य की शुरुआत में ही लापरवाही सामने आने लगी है। बिना सफाई किए गड्ढों में मोटी बजरी डालकर ऊपर से पैच पेंटिंग की जा रही है। इससे मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
उत्तराखंड की सीमा को जोड़ने वाला शारदा सागर डैम का मुख्य मार्ग लंबे समय से खराब हालत में था। डैम की मुख्य बॉडी के ऊपर बने इस मार्ग में बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए थे। इससे न सिर्फ आवागमन में दिक्कत होती थी बल्कि बरसात के मौसम में पानी रिसकर डैम की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगता था। पिछले दिनों सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता ने मौके का निरीक्षण कर मार्ग को गड्ढा मुक्ति योजना में शामिल करने का निर्देश दिया था। स्थानीय सिंचाई विभाग ने प्रोजेक्ट बनाकर भेजा और मंजूरी मिलते ही मरम्मत कार्य शुरू कर दिया लेकिन कार्य की शुरुआत में ही खामियां उजागर हो रही हैं। मजदूर बिना सफाई किए सीधे गड्ढों में मोटी बजरी डाल रहे हैं और ऊपर से पैच पेंटिंग कर आगे बढ़ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरीके से मरम्मत करने पर सड़क कुछ ही महीनों में फिर से उखड़ जाएगी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी तरह की लापरवाही पहले भी हुई थी। सड़क निर्माण के कुछ महीनों बाद ही सड़क उखड़ गई थी। उस समय घटिया निर्माण पर काफी सवाल उठे थे लेकिन सत्ता से जुड़े ठेकेदारों की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी थी। डैम की कुल लंबाई करीब 22 किलोमीटर है जिसमें वर्तमान में शारदा सागर डिविजन की प्रथम उपखंड की ओर से जीरो से पांच किलोमीटर के हिस्से पर कार्य कराया जा रहा है। उपखंड के सहायक अभियंता रावत ने बताया कि मार्ग की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिंचाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई है ताकि काम की निगरानी में कोई कमी न रहे। हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर इस बार भी गुणवत्ता से समझौता हुआ तो डैम का यह मार्ग एक बार फिर कुछ महीनों में जर्जर हो जाएगा।