पीलीभीत/बिलसंडा। पीलीभीत-बिलसंडा मार्ग पर स्थानीय डिपो से एक भी बस का संचालन नहीं किया जा रहा है। इससे यात्रियों को सीधे तौर पर परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं बरेली, गोला डिपो से बस का संचालन हो रहा है।
बिलसंडा ब्लॉक क्षेत्र में करीब 70 से अधिक गांव हैं। इनमें करीब डेढ़ लाख से अधिक की आबादी है। रोजाना करीब पांच से सात हजार लोगों का जिला मुख्यालय आवागमन रहता है। इसमें दैनिक यात्री सहित अन्य लोग शामिल हैं। बिलसंडा से आने वाले यात्री पहले डग्गामार वाहन के सहारे बीसलपुर पहुंचते हैं। इसके बाद ट्रेन या बस से मुख्यालय तक सफर तय करते हैं। सबसे अधिक समस्या शाम के समय होती है।
खास बात यह है कि इस मार्ग पर बरेली व गोला डिपो की बसों का संचालन होता है। यह बसें पीलीभीत न जाकर बीसलपुर के ईदगाह चौराहे से सीधे बरेली के लिए निकल जाती हैं। इसके बाद भी अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लोगों की मांग- अप-डाउन में संचालित की जाएं दो बसें
स्थानीय लोगों को परिवहन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मार्ग पर दो बसों का संचालन अप-डाउन में कराया जाए। ताकि यात्रियों को लाभ मिल सके। - देवांश मिश्रा
बसों का संचालन सही ढंग से कराया जाए तो डग्गामार वाहनों पर अंकुश लग सकेगा। अफसरों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है, तभी यात्रियों की भी परेशानी कुछ हो सकेगी। - वरूण
जिन मार्गाें पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है, उन पर लगातार सर्वे कराया जा रहा है। बिलसंडा मार्ग पर यदि बस का संचालन नहीं हो रहा है तो इसकी जानकारी कराई जाएगी। यात्रियों की समस्या का प्रमुखता से निस्तारण कराया जाएगा। - पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम
वरुण