पीलीभीत। रीवैंप योजना के तहत बिछाए गए बंच केबल का भार शहर में जगह-जगह पुराने और जर्जर खंभे संभाल नहीं पा रहे हैं। खंभे झुक गए हैं और तार लटकते हुए हादसे का खतरा बने हुए हैं। मुख्य बाजार से लेकर मोहल्लों तक फैली इस बदइंतजामी पर ऊर्जा निगम के अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।
उपाधि कॉलेज मार्ग, दूधिया मंदिर रोड, लकड़ी मंडी और रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास हालात सबसे खराब हैं। यहां बिजली आपूर्ति गले और टेढ़े खंभों के सहारे ही की जा रही है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। मनमानी कार्यशैली ने उपभोक्ताओं में डर और गुस्सा दोनों ही बढ़ा दिया है।
मकान की चहारदीवारी से टिका खंभा, हादसे का डर
शहर केे दूधिया मंदिर रोड पर पुलिस से नजदीक जाने वाले गली के किनारे खंभा वहां बने मकान से बिल्कुल सटा हुआ है। इससे हर समय लोगों को हादसे का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बताया कि शिकायत के बाद भी ऊर्जा निगम के अफसर इसको लेकर अनजान बने हुए है। कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है।
नीचे से गल गया खंभा, मकान के सहारे टिका
दूधिया मंदिर मार्ग लेखराज चौराहे के पास ही गली में थोड़ा सा अंदर जाने पर एक लोहे और एक सीमेंटेड खंभा लगा हुआ है। लोहे का खंभा नीचे से गलने के कारण वहां पास बने मकान के सहारे टिका हुआ है। आसपास के लोगों ने बताया कि वाहन की हल्की से झपट लगने से भी यह खंभा गिर सकता है।
झुके खंभे से ही खींच दी गई बिजली लाइन
शहर के रजिस्ट्री कार्यालय को जाने वाले करीब चार से पांच खंभे लगे हैं। इसमें तीन खंभे झुके हैं। अफसरों ने इन खंभों को तो सही नहीं कराया लेकिन इन्हीं खंभों पर ही बंच केबल को डलवा दिया है। इससे यहां तार झूल रहे हैं।
मुख्य बाजार में झूलते तार, हादसे का खतरा
शहर के मुख्य बाजार में बाजार गेट से स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर बंच केबल को डाला गया है। संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही से इन्हें व्यवस्थित तरह से नहीं डाला गया। इससे यह तार काफी नीचे आ गए हैं। बड़ा वाहन आने पर कभी भी इससे हादसा होने का खतरा बना हुआ है।
जब यहां तार डाले गए तो वहां मौजूद कर्मचारियों से झुके खंभे को सही कराने के लिए कहा गया लेकिन वे लोग तार डालकर वहां से निकल लिए। यह पोल कई वर्षों से ऐसा ही है। इससे खतरा बना हुआ है। - मदनलाल, स्थानीय नागरिक, दूधिया मंदिर रोड।
खंभा गलने की वजह से झुक गया है। डर रहता है कि कभी किसी वाहन की चपेट में आने से यह गिर सकता है। विभाग को कई बार इसको लेकर कहा गया लेकिन शिकायत का समाधान नहीं हो सका।- गौरव शर्मा, स्थानीय दूधिया मंदिर रोड।
लकड़ी मंडी स्थित एक व्यापारी ने बताया कि उनकी दुकान के आगे खंभा गलत तरह से लगा हुआ है। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। बरसात के समय ज्यादा दिक्कत रहती है कि कहीं करंट न आ जाए। मोहम्मद अदील, लकड़ी मंडी रोड।
रीवैंप योजना कार्य भी अधर में
बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए 480 करोड़ की रीवैंप योजना के तहत जिले में दो नए उपकेंद्र स्थापित होने, क्षमता वृद्धि के लिए 947 ट्रांसफार्मरों को लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही नए सिरे से 906 किमी तक एलटी केबल को बिछाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इसके साथ ही खंभों के बदलवाना आदि का कार्य कराया जाना है। इसके बाद भी 60 फीसदी काम पूरा हो सका है।
रीवैंप योजना के तहत जहां भी कार्य कराया जा रहा है, गुणवत्तापूर्ण कराया जा रहा है। जिन जगहों पर समस्याएं हो रही हैं। उनकी जांच कराकर वहां सही कराया जाएगा।- पंकज कुमार भारती, एक्सईएन।