घुंघचाई। जंगल से निकलकर वन्य जीव किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगल किनारे तार फेंसिंग न होनेे से किसानों को फसलों की रखवाली के दौरान हिंसक वन्यजीवों के हमले का भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों की मांग है कि जंगल किनारे तार फेंसिंग जल्द कराई जाए।
क्षेत्र के अनेक गांवों के किसानों के खेत दियोरिया रेंज के जंगल के करीब हैं। दियोरिया रेंज और मंडनपुर जंगल के किनारे तार फेंसिंग कराने पर अभी तक ध्यान नहीं दिया है। इन दिनों किसानों की गेहूं, गन्ना, सरसों, लाही के साथ ही सब्जियों की फसलें खेतों में तैयार हो रही हैं। इन फसलों को वन्यजीव नुकसान पहुंचा रहे हैं। मजबूरी में किसान अत्यधिक ठंड में जंगल के किनारे झोपड़ी डालकर फसलों की रखवाली करते हैं। किसानों का कहना है कि कई बार इस समस्या को लेकर वन विभाग को मांग पत्र देकर तार फेंसिंग कराने का अनुरोध किया लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक कोई ध्यान नहीं दिया।
हम लोगों के खेत खुटार रेंज के मंडनपुर जंगल से लगे हुए हैं। फसलों का काफी नुकसान होता है। जंगल किनारे तार फेंसिंग हो जाए तो फसलों का नुकसान बच सकता है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
श्रीकृष्ण
कई बार अधिकारियों को जंगल किनारे तार फेंसिंग कराने के लिए पत्र दिए लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों की फसल नष्ट हो रही है। जंगली जीव जंतु आबादी की ओर भी आ जाते हैं।
शिवकुमार, प्रधान
घुंघचाई क्षेत्र के ये गांव हो रहे प्रभावित
जंगल से सटे घुंघचाई क्षेत्र के मटैहन कालौनी, दंदौल, खानपुर चुकटिहाई, सिमराया, लोहन्ना सोहन्ना, भगवंतपुर, कालाबोझ, पूर्वांचल वालों की कॉलोनियां, नवदिया बंकी और मंडनपुर जंगल से सटे गांव जितौरिया टांडा, पुन्नापुर, गरीबपुर बिल्हा, टांडा नगरिया, पूरनपुर कुरैया, सुंदरपुर, पिपरिया मजरा।
दियूरिया रेंज के जंगल से सटे खेत में खडी फसल
दियूरिया रेंज के जंगल से सटे खेत में खडी फसल