पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में साइफन पुल पर बाघ का रास्ता अवरुद्ध करने के वायरल वीडियो के बाद वन विभाग सख्त हो गया है। एसडीओ माला रुद्र प्रताप सिंह ने घटना से जुड़े वनकर्मियों और सफारी वाहनों से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर जांच को अंतिम दौर में पहुंचा दिया है। बृहस्पतिवार को रिपोर्ट डीएफओ को सौंपी जा सकती है। इसके बाद बड़ी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।
बराही रेंज में साइफन पुल पर बाघ को रास्ते में रोकने का वीडियो सोमवार को वायरल हुआ था। रविवार को दूसरी शिफ्ट की सफारी के दौरान बाघ साइफन पुल पर आ गया था। इसी बीच पुल के दोनों ओर खड़े सफारी वाहनों ने बाघ का रास्ता अवरुद्ध कर दिया था। इससे बाघ असहज हो गया था और वन्यजीवन में गंभीर खलल पैदा हुआ था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग हरकत में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ मनीष सिंह ने एसडीओ माला रुद्र प्रताप सिंह को जांच सौंपी थी। बुधवार को जांच अधिकारी ने घटना से जुड़े वनाधिकारियों और वनकर्मियों के बयान लिए। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट डीएफओ को सौंप दी जाएगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी वाहन चालकों, गाइड और जिम्मेदार वनकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई संभव है। इधर एआरटीओ की ओर से भी जांच की जा रही है। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कहा कि जंगल सफारी वाहनों को ट्रेस करने का काम तेजी से किया जा रहा है। इस मामले में कमिश्नर के हस्तक्षेप के बाद विभाग में खलबली मच गई है। माना जा रहा है कि वन्यजीव सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई निश्चित है।