बलिदानियों के घर को जाने वाली कच्ची सड़क। स्रोत परिजन
पीलीभीत। देश पर जान न्योछावर करने वाले पूरनपुर ब्लॉक के गांव धुरिया पलिया निवासी दो बलिदानियों के घर को जाने वाली सड़क का निर्माण एक बार अटक गया है। परिजनों और ग्रामीणों को कीचड़युक्त कच्चे रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। दिक्कतों से जूझ रहे लोगों को अब तक जन प्रतिनिधियों के वायदों के पूरा होने का इंतजार है। हालांकि, जिला पंचायत के जिम्मेदार तीन माह में सड़क निर्माण का दावा कर रहे हैं।
पूरनपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत धुरिया पलिया में बलिदानी मनतेज सिंह और करीब तीन माह पहले सिक्किम के भूस्खलन में बलिदान हुए हवलदार लखविंदर सिंह का घर है। मनतेज सिंह करीब दो वर्ष पूर्व बलिदान हुए थे। दोनों बलिदानियों के घर आसपास ही हैं। इनके घरों को जोड़ने वाला रास्ता अब तक कच्चा है। बलिदानियों के परिजन और ग्रामीण इसी कीचड़युक्त रास्ते से आवागमन को मजबूर हैं। लखविंदर के बलिदान होने के बाद सड़क निर्माण के मुद्दे ने जोर पकड़ा। अमर उजाला ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। बाद में जिला पंचायत ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। मगर तीन माह का समय बीतने के बाद भी सड़क अभी उसी हालत में है। जिला पंचायत अध्यक्ष पति गुरुबाग सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। अगले तीन महीने में सड़क निर्माण करा दिया जाएगा।
जमीन चिह्नित, अब तक अटका पार्क निर्माण
बलिदानियों की स्मृति में गांव के करीब ही पार्क निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। पार्क के लिए जमीन भी चिह्नित कर ली गई। प्रशासन की ओर से पार्क निर्माण की अभी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। बलिदानी लखविंदर सिंह के भाई पलविंदर सिंह ने बताया कि अभी सड़क निर्माण नहीं हुआ और पार्क का काम भी शुरू नहीं हो सका है। कच्चे रास्ते से आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।