पीलीभीत। बाहर के मेडिकलों से अस्पताल चिकित्सकों की ओर से लिखी जा रहे दवाओं को लेकर जिला अस्पताल के अधीक्षक ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने सभी चिकित्सकों को बाहरी दवाएं लिखने पर प्रतिबंध लगाते हुए चेतावनी नोटिस जारी किया है। साथ ही कार्रवाई की योजना के लिए मेडिकल रजिस्टर बनाया। इसमें बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सक का नाम और मरीज का नाम दर्ज किया जाएगा। इसके आधार पर चिकित्सक पर कार्रवाई होगी।
लंबे समय से जिला अस्पताल में निशुल्क इलाज की आस में आ रहे मरीजों को कई चिकित्सक बाहरी मेडिकल से दवाएं लेने के लिए पर्चे पर लिख रहे थे। अमर उजाला लगातार इसे उजागर कर रहा है। इस पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल अधीक्षक डॉ. रमाकांत सागर से नाराजगी जाहिर की। इसके बाद सीएमएस ने गंभीरता दिखाते हुए फीजिशियन, सर्जन, ईएनटी, सर्जरी सहित सभी विभागों के चिकित्सकों को चेतावनी नोटिस जारी किया है। इसी के साथ बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सक की पहचान करने के लिए सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर की ओर से योजना बनाई गई। इसमें अस्पताल के दवा केंद्र पर एक रजिस्टर बनाया गया। इसमें सरकारी पर्चे पर दवा लिखने वाले चिकित्सक का नाम कर्मचारी नोट करेंगे। मरीज उनकी दवाओं का भी लेखा जोखा रखेंगे। डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि कुछ दिन निगरानी के बाद बाहर की दवा लिखने वाले चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट को अतिक्रमण बंद करने के लिए लिखा पत्र
जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमाकांत सागर ने जिला अस्पताल की टूटी दीवारें जिधर से प्राइवेट मेडिकल संचालकों ने रास्ता बना रखा है, इसको बंद करवाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट से कानून व्यवस्था बनाते हुए अतिक्रमण बंद कराने के लिए पत्र लिखकर सहयोग की मांग की है।