अमरिया। जर्जर सड़कों को सुधारने के दावों के बीच अमरिया तहसील में मार्गों की हालत खराब है। चार मार्ग ऐसे हैं जो पिछले पांच सालों से जर्जर हैं। इन मार्गों पर गहरे गड्ढे हादसों का सबब बने हुए हैं। आए दिन राहगीर गिरकर चोटिल भी हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि मांग के बाद भी अभी तक निर्माण को मंजूरी नहीं मिल सकी है। इससे जोखिम के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं।
अमरिया तहसील क्षेत्र में हरिद्वार नेशनल हाईवे के अलावा मझोला से होकर उत्तराखंड के लिए जाने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। इन मार्गों को जोड़ने वाले करीब पांच मार्ग ऐसे हैं, जिनसे करीब 50 हजार की आबादी जुड़ी हुई है। 30 से अधिक गांव के लोग मार्ग पर नियमित रूप से आवागमन करते हैं, लेकिन कई सालों से देखरेख के अभाव में मार्ग बदहाल हो गए। अधिकांश मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गए। इससे लोगों को इन मार्गों से गुजरना मुसीबत बना हुआ है।
जर्जर मार्ग पर गिरकर चोटिल हो रहे लोग
बरेली-हरिद्वार हाईवे से गांव सिरसा गोपाल नगर होकर बहेड़ी जाने वाला पांच किमी लंबा मार्ग शामिल है। लोगों का कहना है कि पांच साल से मार्ग बदहाल है। मार्ग का निर्माण तो दूर मरम्मत तक का काम नहीं कराया गया। मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो गया है। इससे लोग परेशानी झेल रहे हैं। लोग गिरकर घायल हो रहे। वाहन में भी टूटफूट हो रही है। इस मार्ग से दस से अधिक गांव की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हो रही है।
000
सरैंदा पट्टी और माधोपुर जाने वाला मार्ग भी जर्जर
गांव सरैंदा पट्टी से पिंजरा बमनपुरी जाने वाला करीब दो किमी लंबा मार्ग तीन साल से जर्जर पड़ा है। इस मार्ग पर लगभग एक किलोमीटर हिस्से पर केवल पत्थर ही दिखाई देता है। इसके अलावा माधोपुर से सरैंदा पट्टी जाने वाले मार्ग भी पिछले तीन साल से टूटा पड़ा है। मार्ग की जर्जर स्थिति लोगों को दर्द दे रही है। मांग के बाद भी इन मार्गों के सुधार के दिशा में कोई काम शुरू नहीं हो सका।
000
चंद दिन टिका गड्ढामुक्त का कार्य, पलट रहे वाहन
अमरिया नहर पुल से ड्यूनी डैम तक लगभग दस किलोमीटर नहर मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। छह माह पूर्व इस मार्ग को गड्ढामुक्त किया गया था, लेकिन औपचारिकताएं निभाने से कार्य चंद दिन ही टिक सका। वर्तमान में मार्ग गड्ढों में बदल गया है। जर्जर मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। करीब 10 गांव के अलावा अमरिया और मझोला क्षेत्र के कई गांव के लोग भी इस मार्ग पर आवाजाही करते हैं। मार्ग की बदहाल स्थिति के चलते आए दिन हादसे भी हो रहे हैं। पूर्व में कई बार टेंपो पलट भी चुके हैं। फिर भी सुधार के प्रयास नहीं हो सके।
बाढ़ से कटा मार्ग, बांस-बल्ली से होकर गुजर रहे राहगीर
नेशनल हाईवे के माधोपुर चौराहे से भिखारीपुर होकर पीलीभीत जाने वाला मार्ग बाढ़ के दौरान दो स्थानों पर कट गया था। आठ माह बीतने के बाद भी कटे मार्ग की मरम्मत नहीं कराई जा सकी। राहगीर जान जोखिम में डालकर बांस-बल्ली व फंटी से बने अस्थायी पुल से गुजरने पर मजबूर हैं। इस मार्ग से 10 से अधिक गांव की 20 हजार से अधिक आबादी प्रभावित हो रही है।
नेशनल हाईवे पर बड़ेपुरा गुरुद्वारे के निकट से सिरसा गोपाल नगर होकर बहेड़ी जाने वाला मार्ग भी खस्ताहाल है। कई सालों से सुधार नहीं हो सका। - विनोद कुमार सागर, ग्राम सिरसा
रात के समय गांव सरैंदा पट्टी से अमरिया जाना जान जोखिम में डालने की तरह है। टूटी सड़क से गुजरने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।- राम गोपाल प्रजापति, सरैंदा पट्टी
तहसील क्षेत्र में जो भी टूटी सड़कें हैं उन सभी सड़कों के प्रस्ताव पीडब्लूडी की ओर से भेजे गए हैं। जिसमें कुछ को मंजूरी मिली है। शेष बची सड़कों की जानकारी कराई जाएगी।- मयंक गोस्वामी, एसडीएम अमरिया
पुल से यातायात बंद होने से पांच किमी चक्कर लगाने पर मजबूर लोग
कलीनगर। तहसील क्षेत्र के हरदोई ब्रांच के डगा पुल पर दरारें पड़ने के बाद यातायात बंद होने से लोग परेशान हैं। चंद दूरी के बजाय लोगों को पांच किमी की दूरी तरह करनी पड़ रही है। लोग नवदिया गांव के रास्ते होकर पीलीभीत-माधोटांडा मार्ग से होकर जाने पर मजबूर हैं। वहीं हेडवर्कस खंड के अफसर मामले में शासन स्तर पर पत्राचार करने की बात कह रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों को कहना है कि पुल की मरम्मत को लेकर विभाग को गंभीरता बरती चाहिए। उत्तराखंड को जोड़ने के साथ पीटीआर को जाना वाला यह प्रमुख मार्ग है। हेड वर्कस खंड के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पुल को लेकर रिपोर्ट भेजी गई है। उच्च स्तरीय निर्णय के बाद आगे की प्रक्रिया पर अमल किया जाएगा। संवाद