पूरनपुर। रेलवे के अमान परिवर्तन होने के बाद सवा छह साल से नियमित ट्रेनें न चलने से आवागमन में लोगों को असुविधा हो रही है। जिला मुख्यालय तक आने-जाने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सर्वाधिक असुविधा दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, वकीलों और मरीज के तीमारदारों को हो रही है।
रेलवे के अमान परिवर्तन को लेकर 31 मई 2018 को मैलानी-पीलीभीत रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन बंद किया गया था। तब से अब तक मैलानी-पीलीभीत के बीच नियमित ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। नियमित ट्रेनें चलवाने की मांग को लेकर कई बार व्यापारियों और अन्य प्रतिनिधियों ने नेताओं, अफसरों को पत्र भेजकर समस्या का समाधान की मांग की। मगर नियमित ट्रेनें न चलने से लोगों में रोष है।
उद्योग व्यापारी प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष हंसराज गुलाटी ने बताया कि नियमित ट्रेनें न चलने से व्यापारियों का व्यापार चौपट हो गया है। व्यापारियों की धैर्य की घड़ी अब समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि ट्रेनें न चलने के विरोध में 23 अगस्त शाम साढ़े चार बजे व्यापारियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें आंदोलन की रणनीति के अलावा अफसरों को ज्ञापन भी सौंपे जाएगे। इसके बाद उग्र आंदोलन होगा। आंदोलन में नियमित ट्रेनों के संचालन के साथ लखनऊ, आगरा, बरेली, हरिद्वार, मुंबई, दिल्ली, सहारनपुर, मथुरा, जयपुर, देहरादून, अमृतसर, गुवाहाटी आदि शहरों के लिए ट्रेनें चलवाने, माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज और शेरपुर रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास बनाने की मांग रखी जाएगी।