मेडिकल कॉलेज में बच्चे के कान की जांच करते ईएनटी चिकित्सक।संवाद
पीलीभीत। गर्मी की शुरुआत के साथ ही गले और कान से संबंधित समस्याएं बढ़ने लगी हैं। जिला अस्पताल के नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ कक्ष में मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में करीब 1400 मरीज पहुंचे। इसमें 100 मरीज गले में जलन व कान में आवाज गूंजने और अन्य समस्याओं से पीड़ित थे।
तापमान बढ़ने के साथ मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। पर्चा और चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ जुट रही है। दवा और लैब के बाहर जांच की लाइन में धक्का-मुक्की का नजारा दिखता है। गर्मी के साथ ही कान और गले से संबंधित समस्याएं भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को ईएनटी कक्ष में सबसे ज्यादा मरीज कान बहना व दर्द की समस्या लेकर पहुंचे।
गले में जलन और चुभन के मरीज भी आए। चिकित्सक ने दवा के साथ ही बाहरी खराब तेल से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से परहेज करने की सलाह दी। नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ. अंकुर गुप्ता ने बताया कि खराब तेल से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से गले में जलन की समस्या होती है। गर्मी से आकर ठंडा पानी पीने से खराश और अन्य दिक्कतें हो रही हैं। इनसे बचाव के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। बाहर से आकर तुरंत ठंडा पानी व कोल्ड ड्रिंक आदि के सेवन से बचें। समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।