गन्ना समिति के खाद गोदाम पर चल रहे विवाद को अनाधिकृत रूप से समझौता कर
निपटाने का आरोप लगाते हुए बोर्ड ने समिति के पूर्व चेयरमैन विनोद कुमार की
सदस्यता समाप्त करने का प्रस्ताव पास किया। मामले को लेकर समिति पुन:
कोर्ट में अपील करेगी और पूर्व चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा भी
दर्ज कराएगी।
पीलीभीत समिति परिसर के सामने टनकपुर हाइवे पर समिति की
जमीन है, जिस पर खाद गोदाम बना है। इस जमीन से रास्ता निकालने को लेकर
पड़ोस के मैकूलाल वीरेंद्र पाल अस्पताल से पांच वर्षों से विवाद चल रहा था।
मामला कोर्ट में था। पिछली चार अप्रैल को तत्कालीन चेयरमैन विनोद कुमार और
अस्पताल के रतन नाथ मिश्रा ने कोर्ट में समझौता नामा लिखकर दे दिया, जिसके
तहत अस्पताल के लिए रास्ता निकालने पर सहमति दे दी गई।
दो दिन पूर्व
अस्पताल की ओर से रास्ता बनाने को जब काम शुरू हुआ तो मामला सामने आया।
जानकारी होने पर चेयरमैन और सचिव ने बोर्ड की आपात बैठक बुलाकर समस्या रखी।
बोर्ड ने पूर्व चेयरमैन द्वारा किए गए समझौते को गलत बताते हुए इसे रद्द
कराने के साथ ही पूर्व चेयरमैन विनोद गंगवार की सदस्यता समाप्त करने का
प्रस्ताव पास कर दिया। कहा गया कि चेयरमैन का कार्यकाल कुछ ही दिनों में
पूरा होने वाला था।
चुनावी प्रक्रिया चल रही थी। ऐसे में यह समझौता नहीं हो
सकता था। सचिव ने पूरे मामले की जानकारी डीएम सहित संबंधित अधिकारियों को
दी। इस पर एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। सूत्रों की मानें तो
समिति के साथ धोखाधड़ी करने पर अब पूर्व चेयरमैन के खिलाफ एफआईआर की भी
तैयारी है और अधिकारियों ने भी इसकी मूक सहमति दे दी है।
समिति सचिव वसी
अहमद ने बताया कि चेयरमैन को समझौते का अधिकार ही नहीं है। उन्होंने नियम
विरुद्ध कार्य किया है। अधिकारियों के मार्ग दर्शन में कार्रवाई की जा रही
है। इस बाबत पक्ष जानने को पूर्व चेयरमैन को फोन किया गया लेकिन उनका स्विच
ऑफ होने के कारण बात नहीं हो सकी।
2010 में हुआ था विवाद
समिति
की जमीन से रास्ता निकालने को अस्पताल की ओर से 31 मई 2010 को प्रयास किया
गया था। विवाद बढने पर मामला कोर्ट में पहुंच गया और इसकी सुनवाई चल रही
थी। इस बीच चुनाव के समय गुपचुप तरीके से समझौता कर कोर्ट में पेश कर दिया ।
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गन्ना
समिति की जमीन पर अस्पताल के रास्ते का विवाद कोर्ट में था। इस पर पूर्व
चेयरमैन ने गलत तरीके से समझौता कर लिया है जिसका हक उन्हें नहीं है। आगे
की कार्रवाई को जल्द बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी।
- ज्ञानवती, चेयरमैन, गन्ना समिति