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पराली जलाने वाले पूर्व मंत्री के भाई को नहीं मिलेगी सरकारी सुविधा

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पीलीभीत। वरिष्ठ सपा नेता और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा के खेत में पराली जलाने के मामले में प्रशासन ने पूर्व मंत्री के भाई को दोषी मानते हुए उन्हें मिलने वाली समस्त सरकारी सुविधाओं को निरस्त करने के आदेश दिए हैं। हालांकि इस मामले में प्रशासन ने पूर्व मंत्री और उनके ब्लॉक प्रमुख भाई को क्लीनचिट दे दी है।
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पराली जलाने वालों पर इन दिनों प्रशासन सख्त है। अब तक 10 से अधिक किसानों पर रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। सदर तहसील के गांव टाह निवासी सपा के कदावर नेता और पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा और उनके भाई ब्लॉक प्रमुख अरुण वर्मा के अलावा बड़े भाई शांति स्वरूप वर्मा के खेत में बीते दिनों पराली जलाई गई थी। सूचना मिलने पर सदर तहसील के लेखपाल नरेंद्र ने कई दिन तक मामले को दबाए रखा। बाद में तूल पकड़ने पर शनिवार को पूर्व मंत्री के बड़े भाई पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रशासन पूर्व मंत्री के बड़े भाई पर शिकंजा कसने की तैयारी कर चुका है। अधिकारियों से उन्हें कोई भी सरकारी सुविधा का लाभ नही देने का दावा किया गया है। इसे लेकर कार्रवाई शुरू करने की बात भी कही गई है।
अफसर और पूर्व मंत्री के बयान में मतभेद
पूरे मामले में अफसर और पूर्व मंत्री के बयानों में मतभेद भी उभरकर सामने आए है। अफसरों का कहना है खेती का काम पूर्व मंत्री के बड़े भाई देखते थे, इसलिए केवल उन्हें ही आरोपी बनाया गया। जबकि पूर्व मंत्री का कहना था कि खेती का काम उनका भांजा देखता है। वह खेत जोतकर चले गए थे तो उनके पूछे किसी ने राजनीतिक साजिश के तहत उनके खेत में आग लगा दी। पूर्व मंत्री के अनुसार वह स्वयं पराली जलाने से किसानों को मना करते हैं क्योंकि उससे वातावरण प्रदूषित होता है।
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पराली तो खेत में ही जोत दी गई थी, मगर किसी ने राजनीतिक साजिश के तहत खेत जुतने के बाद बची हुई पराली में आग लगा दी। भाजपा सरकार ब्यूरोक्रेसी के इशारे पर विपक्ष के नेताओं का राजनीतिक उत्पीड़न करने में लगी है। - हेमराज वर्मा, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता
पूर्व मंत्री और उनके ब्लॉक प्रमुख भाई को इसलिए रिपोर्ट में नामजद नही किया गया क्योंकि वह खेती का काम नही देखते। पूर्व मंत्री के आरोपी भाई को जो भी सरकारी सुविधाएं मिल रही है, वह खत्म की जाएंगी। - अविनाश चंद्र मौर्य, एसडीएम सदर
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