सिजेरियन आपरेशन समेत कई अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र पूरनपुर और बीसलपुर को पांच साल पूर्व फर्स्ट रेफरल यूनिट
(एफआरयू) का दर्जा दिया गया था, लेकिन पांच सात बीतने के बाद भी यह दोनों
यूनिट मात्र कागजों में ही सरपट दौड़ रही हैं। चिकित्सकों की कमी के चलते
मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह है एफआरयू की स्थिति
पूरनपुर
स्थित एफआरयू में मात्र चार चिकित्सक ही तैनात हैं। इनमें भी कोई महिला
चिकित्सक नहीं है। ऐसे में यहां सिजेरियन आपरेशन ही नहीं किए जा रहे हैं।
हालांकि इस एफआरयू का अपग्रेडेशन हो चुका है, लेकिन चिकित्सक न होने से
आपरेशन की सुविधा ठप पड़ी है। बीसलपुर स्थित एफआरयू में दस डॉक्टरों की
तैनाती है। यहां दो महिला चिकित्सक भी हैं, लेकिन संसाधन न होेने के चलते
यहां भी सिजेरियन आपरेशन की सुविधा नही हैं। इस एफआरयू में न तो लैब
टैक्नीशियन और न ही एक्सरे टैक्नीशियन है। ऐसे में यहां के मरीजों को लंबी
दूरी तय कर जिला अस्पताल आना पड़ रहा है।
यह हैं एफआरयू के मानक
- एक सर्जन
- एक फिजीशियन
- एक महिला चिकित्सक/गायनोलॉजिस्ट
- बाल रोग विशेषज्ञ
- निश्चेतक
- तीन नियमित स्टाफ समेत छह स्टाफ नर्स
- सिजीरियन सेक्शन और जटिल प्रसव की सुविधा
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेवाएं
- ब्लड स्टोरज फैसिलिटी
एफआरयू
में सिजेरियन आपरेशन आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाती है, लेकिन मैन पॉवर
की कमी के चलते यह विधिवत तरीके से संचालित नहीं की जा रही है। बीसलपुर में
जल्द ही सिजेरियन आपरेशन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. ओम चौहान, सीएमओ