गोमती उद्गम स्थल की झील से निकलकर बाहर बैठा मगरमच्छ। स्रोत: गोमती भक्त
कलीनगर। गोमती उद्गम स्थल की झील में तीन माह से मगरमच्छ की मौजूदगी होने से दहशत है। गोमती भक्तों का कहना है कि कई बार सूचना देने के बाद भी वन विभाग की ओर से गंभीरता नहीं बरती जा रही है।
माधोटांडा में स्थित गोमती उद्गम स्थल की मुख्य झील के अलावा दो अन्य झील हैं। इनमें मछलियों के अलावा कछुओं की कई प्रजातियां प्रवास करती हैं। जलीय जीव उद्गम स्थल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहते हैं। तीन माह पूर्व से उद्गम स्थल की झील में एक मगरमच्छ की मौजूदगी देखी जा रही है।
जिससे सिर्फ श्रद्धालुओं में दहशत है बल्कि जलीय जीवों के लिए भी खतरा है। ट्रस्ट के सदस्य निर्भय सिंह का कहना है कि मगरमच्छ की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को सूचित कर दिया गया, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद कोई कदम नहीं उठाया गया है।
वहीं उद्गम स्थल के आरती सेवक शक्ति सिंह का कहना है कि मगरमच्छ की मौजूदगी जलीय जीवों के अलावा श्रद्धालुओं के लिए भी खतरा बनी हुई है। कई श्रद्धालु गोमती झील में आस्था की डुबकी लगाते हैं।